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शिक्षा मित्रों ने ट्रेनें रोकीं, धरने पर बैठे

Tue, 15 Sep 2015 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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हाईकोर्ट के फैसले से नाराज शिक्षा मित्रों ने सोमवार को साउथ सिटी में जमकर हंगामा काटा। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने पहले गोविंदनगर आई ब्लाक स्थित भदौरिया पार्क में धरना-प्रदर्शन कर फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और फिर गोविंदपुरी स्टेशन पहुंच कर दो ट्रेनें रोक ली। अन्य ट्रेनें रोकने की भी धमकी दी।
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एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने माइक थामकर भीड़ को समझाया और उनकी बात शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया, तब जाकर करीब चार घंटे बाद शिक्षा मित्रों का गुस्सा शांत हुआ। इस दौरान भीषण गर्मी के चलते तीन महिला शिक्षामित्र बेहोश हो गईं। उधर, शिक्षा मित्रों ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।

हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापक पद पर शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द करने का फैसला किया है। इसी फैसले के खिलाफ सैकड़ों शिक्षा मित्र सोमवार सुबह 11 बजे भदौरिया पार्क में एकत्र हुए। आदर्श वेलफेयर शिक्षा मित्र और प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ की ओर से आयोजित धरने में भारी संख्या में महिला शिक्षा मित्र भी अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर शामिल हुईं।
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धरने के दौरान संगठन के नेताओं ने गोविंदपुरी स्टेशन पहुंचकर ट्रेन रोकने का ऐलान किया तो कई थानों की फोर्स पहुंच गई। एसीएम ने उनकी बात शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिया लेकिन शिक्षा मित्र डीएम या एडीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए।

काफी देर तक कोई नहीं आया तो शिक्षा मित्र गोविंदपुरी स्टेशन की ओर कूच कर गए। पुलिस के घेरे में करीब डेढ़ हजार शिक्षा मित्रों की भीड़ नारेबाजी करते हुए गोविंदपुरी स्टेशन की ओर बढ़ी तो गोविंदनगर जाम हो गया। पुलिस अफसरों ने बीच रास्ते में रोककर शिक्षा मित्रों से ज्ञापन देने को कहा लेकिन वे नहीं माने और स्टेशन पहुंच गए।

भारी भीड़ आते देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। नारेबाजी हो रही थी कि इटावा की तरफ से टूंडला पैसेंजर और सेंट्रल स्टेशन की तरफ से टाटा जम्मू तवी एक्सप्रेस आ गई। सैकड़ों लोग ट्रेनें रोकने के लिए पटरी पर दौड़ पड़े। इससे वहां मौजूद पुलिस-प्रशासनिक अफसर सकते में आ गए।

हेलमेट, बाडी प्रोटेक्टर, डंडे लेकर फोर्स दौड़ पड़ी लेकिन भीड़ का आक्रोश देख लाठी नहीं चलाई। चूंकि पैसेंजर ट्रेन का स्टापेज गोविंदपुरी स्टेशन पर था इसलिए ट्रेन रुक गई और एक्सप्रेस के चालक ने भी तेज ब्रेक लगाकर गाड़ी रोक दी। शिक्षा मित्र ट्रेनों को घेरकर नारेबाजी करने लगे। ट्रेन में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।

यात्री खिड़की-दरवाजे बंद करने लगे। कुछ ही देर में मेमू भी आ गई लेकिन बवाल देख चालक ने स्टेशन से पहले ही गाड़ी रोक दी। 15 से 20 मिनट तक शिक्षामित्रों ने ट्रेन को रोके रखा। नौबत लाठीचार्ज तक पहुंचती, इससे पहले एडीएम ने प्लेटफार्म पर खड़े होकर पटरी पर एकत्र शिक्षा मित्रों की भीड़ से वादा किया कि उनकी बात शासन तक पहुंचाकर न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे तब शिक्षा मित्रों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा और पटरी छोड़ी। इसके बाद ट्रेनें रवाना हुईं।

कहीं शादी टूटी तो कहीं लगा अड़ंगा
बिधनू ब्लाक में नियुक्त एक शिक्षामित्र ने नाम-पता नहीं छापने का निवेदन करते हुए बताया कि उसकी शादी दो माह पहले ही तय हुई है। हाईकोर्ट का आदेश आते ही शादी की मध्यस्थता कर रहे रिश्तेदार ने सूचना दी कि लड़के ने शादी से इनकार कर दिया है। यह सुनते ही युवती के साथ ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। वहीं एक स्कूल में नियुक्त सहायक अध्यापक ने बताया कि शादी तय हो गई है। हाईकोर्ट का यह फैसला आने के बाद से लड़की वालों की तरफ से कई तरह के अड़ंगे लगाए जाने लगे हैं।

पुलिस के दिल में भी दर्द
शिक्षा मित्रों को घेरे खड़ी पुलिस फोर्स में से बहुत से लोगों के घर के सदस्य भी इस फैसले की चपेट में आए हैं। एक थानेदार ने सीओ से कहा कि उनके शिक्षा मित्र मामा का फोन फैसले के बाद से ही स्विच आफ है, बड़ी चिंता हो रही है। कुछ सिपाही अपना दर्द छलकने से रोक नहीं पाए। किसी की बहन तो किसी की पत्नी इस फैसले से प्रभावित थी। वे भी मोबाइल पर समझाते दिखे।

लाठी चलाओ या मुकदमा दर्ज करो, चक्काजाम होगा
गोविंदनगर स्थित शहीद मेजर अविनाश सिंह भदौरिया पार्क में सैकड़ों शिक्षामित्रों ने धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर 2 बजे एलआईयू ने चक्काजाम की सूचना जिला प्रशासन को दी तो भारी फोर्स पहुंचा। एसीएम योगेन्द्र कुमार, गोविंद नगर सीओ विशाल पांडेय, बीएसए विष्णु प्रताप सिंह सहित अन्य आला अफसरों ने शिक्षामित्रों को समझाने का प्रयास किया। शिक्षामित्रों के नेता दुष्यंत ने चेताया कि अब चाहे लाठी चलाओ या मुकदमा दर्ज करो, गोविंदपुरी पर चक्काजाम तो होगा ही।
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