फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सात ओएमआर शीट गायब, इशारों में कराई नकल

Mon, 14 Sep 2015 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
लेखपाल भर्ती परीक्षा में अव्यवस्थाओं और गड़बड़ियों का बोलबाला रहा। परीक्षा केंद्रों से सात ओएमआर शीट गायब हो गईं। जानबूझकर या गलती से सात अभ्यर्थी अपनी मूल काॅपी के साथ डीएम कॉपी (डीएम कार्यालय में जमा की जाने वाली मूल कॉपी की प्रति) भी ले गए।
विज्ञापन


इन्होंने सिर्फ एक कॉपी ही जमा की। प्रशासन ने इसे अनुचित माना है। हालांकि इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और रिजल्ट भी प्रभावित नहीं होगा। जमा की गई एक कॉपी पर रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा।

किदवई नगर वाई-ब्लाक स्थित सुभाष डिग्री कालेज में परीक्षा खत्म होने से 15 मिनट पहले ही ओएमआर शीट छीन ली गई। इस पर अभ्यर्थियों ने हंगामा किया, लेकिन कालेज प्रबंधन ने पल्ला झाड़ लिया। यहां परीक्षकों के आवेदक क्रमांक में एक खाना कम होने से रोल नंबर का एक अंक छोड़कर लिखने को कहा।
विज्ञापन


जिसे ठीक करने के लिए रोक के बावजूद उन्हें व्हाइटनर इस्तेमाल करना पड़ा। जिले में कुल 18,000 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। कई केंद्रों पर इशारों में नकल कराने की बात सामने आई है। बिधनू के न्यू आजाद नगर स्थित प्रियदर्शिनी इंटर कालेज में ओएमआर शीट की दूसरी कॉपी गायब होने पर पुलिस ने महिला अभ्यर्थी की तलाश की।

बिधनू पुलिस बर्रा-आठ निवासी ईशा अंसारी के घर पहुंची और गलती से चली गई दूसरी कॉपी ईशा से लेकर जमा कराई। डीबीएस कालेज में अभ्यर्थी जब परीक्षा कक्ष में पहुंचे तो मेजों पर कोई स्लिप ही नहीं लगी थी। आनन फानन में स्लिप चस्पा कर उन्हें बैठाया गया।

जिले में 77 केंद्रों पर सुबह की पाली में 10:30 से 12 बजे तक और दोपहर में 3 से 4:30 बजे तक परीक्षा कराई गई। सुबह सात बजे से ही अभ्यर्थी केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। ठीक 10 बजे प्रवेश दिया गया। शाम की पाली वाले अभ्यर्थियों को एक बजे बुलाया गया था। इन्हें 2ः30 बजे प्रवेश दिया गया। 10 मिनट पहले सील पेपर और ओएमआर शीट बांटी गई।

चार जोनल, 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 17 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और 154 पर्यवेक्षक परीक्षा पर नजर बनाए रहे। एडीएम फाइनेंस  शत्रुघ्न सिंह, एडीएम सिटी अविनाश सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अमरपाल सिंह समेत सभी मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्रों में राउंड लेते रहे।

उधर सेंट्रल स्टेशन पर दोपहर और शाम को जबरदस्त भीड़ हुई पर अभ्यार्थियों को आराम से ट्रेनों पर बैठाकर रवाना किया गया। रेलवे अधिकारियों ने सभी इंट्री गेट पर आरपीएफ और जीआरपी के दो-दो सिपाही लगाए थे। प्लेटफार्मों पर चार-चार टीटीई और सिपाही थे। 

अंगुली रख उत्तर बताए
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन और डीएवी डिग्री कॉलेज केे कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि कक्ष निरीक्षक अपने चहेतों की मदद करते रहे। ये लोग टहलते हुए संबंधित अभ्यर्थी के पास जाते और सही जवाब वाले उत्तर पर अंगुली रखते हुए आगे बढ़ जाते थे। कई बार ऐसा होने पर अन्य अभ्यर्थियों ने विरोध जताया।

गेट न खोलने पर बीएनएसडी में हंगामा
परीक्षा खत्म होने के बाद गेट न खुलने पर चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज में अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। कॉलेज के मेन गेट का चैनल पकड़कर खींचने लगे और नारेबाजी शुरू कर दी।

शोरगुल सुनकर गेट के दूसरी तरफ खड़े एसओ कर्नलगंज अशोकर कुमार यादव फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों को शांत कराया। करीब 20 मिनट बाद गेट खुला तो कॉलेज के सामने जाम लग गया। 15 मिनट तक लोगों को जाम से जूझना पड़ा।

एक के बजाय दो पैकेट पकड़ाए
डीएवी डिग्री कालेज में परीक्षा शुरू होने से पहले एक साथ सील ओएमआर शीट और पेपर दिए गए। अभ्यर्थियों को पहले शीट निकालनी थी और परीक्षा शुरू होने का घंटा बजने पर ही पेपर खोलना था।

अभ्यर्थी विनय प्रकाश को पेपर और शीट नहीं मिली। बाद में पता चला कि अन्य अभ्यर्थी आशीष के पास दो पैकेट पहुंच गए। दोनों पेपर पर उसने अपना नाम भी लिख लिया था। बाद में गलती पता चलने पर एक पेपर वापस लिया गया। 

इंतजार करती रहीं बसें
अभ्यर्थियों को देखते हुए रोडवेज ने इलाहाबाद, रायबरेली, फतेहपुर, लखनऊ, कन्नौज, औरैया, इटावा, बांदा, हमीरपुर, महोबा आदि के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की थी, लेकिन अभ्यर्थियों की भीड़ बस अड्डे पर न होने से बसें इंतजार में खड़ी रहीं। आरएम नीरज सक्सेना भी तीन घंटे तक स्टेशन पर बैठे रहे। बस स्टेशन के प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि बसें बढ़ाई गई थीं लेकिन बहुत कम ही अभ्यर्थी आए थे।

लाउडस्पीकर बजाने पर जताई आपत्ति
यशोदा नगर के-ब्लाक स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के पास बज रहे लाउड स्पीकर पर अभिभावकों ने पुलिस से आपत्ति जताई। इस पर तत्काल पुलिस ने लाउड स्पीकरों को बंद करा दिया। 

उमस व धूप से रहे परेशान
उमस व धूप से अभ्यर्थी और परिवारीजन परेशान हुए। काकादेव पी-ब्लॉक बीएसएस इंटर कॉलेज में हमीरपुर के राकेश गुप्ता ने बताया कि आठ बजे बेटे को लेकर गेट पर पहुंचे तो रुकने को कहा गया। चुन्नीगंज बीएनएसडी इंटर कॉलेज के सामने लाल इमली की दीवार पर लोग बैठे रहे। अशोक नगर सेंट जेवियर्स और सिविल लाइंस डीएवी इंटर कॉलेज में एक घंटे धूप में बैठना पड़ा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें