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साहबों को साधा, गंगा को बांधा

Mon, 01 Feb 2016 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने की लंबे समय से चल रही कवायद और इस पर खर्च हुए करोड़ों रुपये का सच जानने के लिए केंद्रीय इस्टीमेट कमेटी की टीम सोमवार को शहर आ रही है।
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अफसरों ने कागजी घोड़े दौड़ाने के लिए तैयार कर लिए हैं। फाइलों में गंगा की तस्वीर भले ही उजली दिखाई जाए पर ‘अमर उजाला’ फोटो जर्नलिस्ट ओपी वाधवानी गंगा की असली तस्वीर पेश कर रहे हैं। ये तस्वीर आज से पहले किसी ने नहीं दिखाई। तस्वीर भयावह है, जिस गंगा की निर्मलता और अविरलता को लेकर न जाने कितने आंदोलन हुए, वह गंगा अब कानपुर में बंधक बना दी गई है।

दो किलोमीटर के अंतराल में गंगा की धारा को कई जगहों पर बांध दिया गया है और धड़ल्ले से जलजीवों का शिकार किया जा रहा है। गंगा में बालू, सीमेंट और मिट्टी भरी बोरियां भर दी गई हैं और कई जगह मिट्टी और बड़े-बड़े पाइप डालकर धारा रोक दी गई है।
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गंगा का प्रवाह बाधित होने से इसकी स्वच्छता और भी प्रभावित हो रही है। संबंधित विभागों के अफसरों को मालूम है लेकिन सब जानते हैं कि कार्रवाई क्यों नहीं होती। सोमवार को शहर आ रही इस्टीमेट कमेटी को यह तस्वीर दिखाई जाएगी। इस टीम में कुल 30 सांसद शामिल हैं।

जिनका नेतृत्व कमेटी के चेयरमैन डा. मुरली मनोहर जोशी कर रहे हैं। टीम एक फरवरी को यहां पहुंचेगी पहले दिन रूरल हाउसिंग फंड को लेकर बैठक करेगी, दूसरे दिन वह गंगा के निरीक्षण पर निकलेगी। इस्टीमेट कमेटी गंगा में           गिरते नालों, एसटीपी और सीटीपी का हाल भी देखेगी। इसके अलावा शहर में आयुध निर्माणियों का भी दौरा करेगी। वहां पर सेना के लिए बनाए जाने वाले उत्पाद देखेगी।

तोड़ी भट्ठियां, हटवाई छीलन
कानपुर। अमर उजाला के पोल खोलने के बाद रविवार को प्रशासन, केडीए अफसर और पुलिस ने जाजमऊ में धावा बोलकर अवैध ग्लू फैक्ट्रियां तुड़वाईं। तमाम जगह इकट्ठा चमड़े की छीलन हटवाई गईं। छिपाई गई टंकिया उखाड़ फेंकी गई। केडीए अफसरों ने नापजोख कर नजूल और केडीए की जमीन की सीमा पर अपने बोर्ड लगवाए।

इससे भगदड़ मच गई। लोगों ने पहले से टूटी पड़ी एक दीवार को गिराने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया तो कार्रवाई कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी। विधायक इरफान सोलंकी भी पहुंच गए और उनकी केडीए अफसरों से नोकझोंक हुई।

रविवार सुबह से ही एसीएम भानुप्रताप, केडीए के अफसर पुलिस लेकर जाजमऊ के वाजिदपुर-प्योंदी पहुंच गए। यहां जमा छीलन को हटाने का काम शुरू हुआ। आस-पास लगी अवैध भट्ठियों को जेसीबी से उखाड़ा गया। ग्लू बनाने वाली टंकिया उखाड़ फेंकी गईं। इस दौरान लोग इकट्ठा हो गए और विरोध शुरू कर दिया।

विधायक इरफान सोलंकी के आने पर वे और उग्र हो गए। विधायक ने कहा कि यहां पहले केडीए ने लोगों को अपनी जमीन बेची है और अब उजाड़ रहा है। अगर उसे जमीन अधिगृहित करनी है तो सर्किल रेट के हिसाब से लोगों को भुगतान करे। मैं किसी अवैध काम के पक्ष में नहीं हूं लेकिन अन्याय भी नहीं होना चाहिए। सोमवार को कमिश्नर और केडीए अफसरों से कागजात के साथ मिलूंगा।
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