कानपुर। बिधनू पुलिस ने बकौली गोसरा गांव निवासी प्रधानपति श्रीराम पांडेय (58) हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पकड़े गए आरोपियों में पिता-पुत्र और दामाद शामिल हैं। आरोपियों ने चुनावी रंजिश और गाली गलौज के विरोध में हत्या की बात कबूल की है। फरार मुख्य आरोपी के एक और बेटे की तलाश में दबिश दी जा रही है।
दो जुलाई की शाम प्रधानपति श्रीराम पांडेय छोटी बकौली निवासी रामकुमार सैनी के साथ कठारा बाजार सब्जी लेने गए हुए थे। अगले दिन उनका शव छोटी बकौली से गोसरा जाने वाली कच्ची रोड पर खून से लथपथ पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुल्हाड़ी से काटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने बेटे लवकुश की तहरीर पर छोटी बकौली निवासी प्रमोद दुबे उर्फ लाला, उसके बेटे प्रतीक उर्फ भूरा, कल्लू और शिवराजपुर के राधन गांव निवासी दामाद गोरे व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने मंगलवार को ही कल्लू को हिरासत में ले लिया था। गुरुवार को पुलिस ने प्रमोद दुबे और गोरे को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
मां की गाली देने पर रची हत्या की साजिश
डीसीपी साउथ रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रमोद दुबे के परिवार के महेश दुबे पूर्व ने श्रीराम पांडेय के खिलाफ प्रधानी का चुनाव लड़ा था। तभी से इन दोनों परिवारों में मनमुटाव चल रहा था। इसके बाद प्रधानपति श्रीराम ने कई बार प्रमोद और उनके परिवार को अपमानित भी किया था। वारदात के दिन श्रीराम पांडेय ने बेटे को मां की गाली दी थी, जिसके बाद प्रमोद ने बेटों और दामाद के साथ मिलकर प्रधानपति की हत्या की साजिश रची, हत्या को अंजाम दिया।
हत्या में कई और नाम भी प्रकाश में आए
इंस्पेक्टर बिधनू प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि फरार आरोपी के गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही अबतक की जांच में कई और नाम भी प्रकाश में आ रहे हैं। मोबाइल की सीडीआर और सर्विलांस के जरिए जांच अभी जारी है। इस हत्याकांड में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।