कानपुर देहात। गेहूं की बोआई के साथ ही डीएपी खाद की मांग बढ़ी है। समितियों में जहां किसानों को लाइन लगानी पड़ रही है। वहीं निजी दुकानों पर महंगे दाम पर खाद बिक्री की शिकायतें मिल रही हैं। इसको लेकर गुरुवार को जिला कृषि अधिकारी ने मैथा तहसील क्षेत्र की उर्वरक दुकानाें की जांच की। यहां तीन दुकानों में स्टाॅक बोर्ड एवं रेट बोर्ड न मिलने पर कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को कुशवाहा खाद भंडार परसौली मैथा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय प्रोपराइटर मौके पर उपस्थित मिला। इनके यहां डीएपी 100 बोरी, एनपीके 84 बोरी, यूरिया 260 बोरी पाई गई। डीएपी और एनपीके से एक-एक नमूना लिया गया। चंदेल खाद भंडार लालपुर मैथा में निरीक्षण के दौरान दुकान पर राघवेंद्र सिंह उपस्थित मिले। उनकी मौजूदगी में स्टॉक जांचा गया। यहां पर डीएपी 98 बोरी एवं एसएसपी 150 बोरी पाई गई। स्टाॅक बोर्ड एवं रेट बोर्ड नहीं पाया गया। इस कारण संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी की गई।
वहीं, श्री कामदगिरि खाद भंडार लालपुर-शिवराजपुर के निरीक्षण में संचालक विजय नारायण त्रिवेदी उपस्थित मिले। इनके यहां डीएपी 46 बोरी, यूरिया 544 बोरी एवं पोटाश सल्फर 550 बोरी मिली। डीएपी और सल्फर से एक-एक नमूना लिया गया। दुकान में स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड एवं अभिलेख नहीं पाए गए। इस पर इन्हें भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। शुक्ला खाद भंडार लालपुर शिवराजपुर निरीक्षण के समय बंद पाया गया। इस कारण इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी की गई।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सभी उर्वरक विक्रेता को निर्देश दिए जाते हैं कि अपने प्रतिष्ठान के स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर तथा रेट एवं स्टॉक बोर्ड को दुरुस्त रखे। किसानों को उनके खतौनी के अनुसार पीओएस मशीन पर आधार एथाॅन्टीकेशन के द्वारा ही उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। इसके बाद भी लापरवाही मिल रही है। जहां पर भी लापरवाही मिली है, जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।