रसूलाबाद। समग्र शिक्षा एवं निपुण भारत मिशन भारत के तहत बुधवार को चंद्रप्रभा शर्मा डिग्री कॉलेज परिसर में प्रशिक्षण में एआरपी पारुल निरंजन ने शिक्षकों से कहा कि भाषा की कक्षा एक में सारंगी-एक, कक्षा दो में सारंगी -दो, कक्षा तीन में वीणा-एक, कक्षा चार में वीणा को पढ़ाया जाएगा।
गणित की कक्षा एक में आनंदमय गणित एक, कक्षा दो में आनंदमय गणित दो तथा कक्षा तीन में गणित मेला को पढ़ाया जाएगा। एआरपी सोनू सिंह ने शिक्षकों से कहा कि अक्षरों की ध्वनियों पर जोर देकर पढ़ाएं। जिससे बच्चे अक्षरों को पहचान सकें। उन्हें आपस में जोड़कर शब्द बनाना सिखाएं। संदर्भदाता हिमांशु गुप्ता ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को मात्राओं के साथ अक्षरों को जोड़कर पढ़ना सिखाएं। शुरुआत में बच्चों को दो अक्षरों वाले शब्द सिखाए। धीरे-धीरे तीन अक्षरों वाले शब्दों पर जाएं।
संदर्भदाता शैलेश पाल ने गणित मेला पुस्तक के पाठों और उनमें निहित अवधारणाओं को शिक्षकों को बताया। बच्चों को संख्याओं को पहचानना, लिखना और उनके बीच छोटे-बड़े के अंतर को सिखाने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में संदर्भदाता दिनेश कुमार ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को कहानियों की किताबें पढ़कर सुनाएं। इससे उनकी शब्दावली और समझने की क्षमता बढ़ती है। जो बच्चे अक्षर भूल जाते हैं उन्हें वर्णमाला चार्ट, कार्ड और अक्षर ढूंढो जैसे खेलों के माध्यम से अभ्यास कराएं। प्रशिक्षण में रवि कमल, वंदना बाजपेयी, सुमन, आलोक कुमार, जगपाल सिंह, अर्चना गुप्ता आदि रहीं।