फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उद्यमी एक दूसरे से साझा करें टेक्नोलॉजी

Fri, 05 Feb 2016 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
चमड़ा उत्पादकों को एकजुट होकर एक मंच पर आना होगा। सभी प्रमुख उत्पादक और निर्यातक देश एक दूसरे से डिजाइनिंग और टेक्नोलॉजी साझा करें। ऐसा नहीं किया गया तो इस क्षेत्र में कुछ देशों का ही वर्चस्व बना रहेगा।
विज्ञापन


यह बात इंटरनेशनल यूनियन ऑफ शू इंडस्ट्री टेक्नीशियन के प्रेसिडेंट यीज मोरिन ने कही। वे चेन्नई में हो रही 19वीं इंटरनेशनल टेक्निकल फुटवियर कांग्रेस में चमड़ा उद्यमियों और निर्यातकों को संबोधित कर रहे थे।

एचबीटीआई स्थित काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) के रीजनल ऑफिस में गुरुवार को इस सेमिनार का लाइव प्रसारण किया गया। सीएलई साउथ के रीजनल चेयरमैन पीआर अकील ने कहा कि चमड़े का उत्पादन दुनिया के गिने चुने देशों में होता है और सप्लाई पूरे विश्व में। इस लिहाज से व्यवसाय का यह व्यापक क्षेत्र है।
विज्ञापन


सेमिनार में फ्रांस, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान और तंजानिया जैसे प्रमुख चमड़ा उत्पादक देशों से 25 से अधिक विषय विशेषज्ञों ने चमड़ा उत्पादन में नई टेक्नोलॉजी, डिजाइनिंग और नई खोजों के बारे में जानकारी दी। 5 फरवरी को 8:45 से 1:10 बजे तक प्रसारण होगा।

कानपुर से भी गए उद्यमी
कानपुर से 22 कंपनियों के प्रतिनिधि मंडल, उत्पादक, निर्यातक सेमिनार में शामिल होने के लिए चेन्नई गए हैं। इनमें ताज आलम,  सीएलई के पूर्व चेयरमैन आरके जालान, एफडीडीआई के पूर्व चेयरमैन मुख्तारुल अमीन, रक्ष फुटवियर के मालिक मो. इफ्तेखार, जावेद इकबाल, राकेश सूरी, असद इराकी, ऋषि जालान आदि प्रमुख हैं।

हर शुक्रवार लगेगा समाधान दिवस
कानपुर। उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अब हर शुक्रवार को समाधान दिवस लगेगा। इसका आयोजन 12 फरवरी से फजलगंज औद्योगिक क्षेत्र स्थित जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में सुबह 10:30 से 12 बजे तक होगा। राज्यस्तरीय उद्योग बंधु की ओर से शुरू की गई ‘समाधान दिवस’ व्यवस्था हर जिले में लागू की जाएगी।

इस योजना के तहत उद्यमियों को अपनी शिकायतें, समस्याएं और जिज्ञासाएं गुरुवार शाम तक समाधान केंद्र को उपलब्ध करानी होंगी। इन पर शुक्रवार को चर्चा होगी। इसके बाद संबंधित विभागों को एक सप्ताह में उनका समाधान करना होगा। यहां निस्तारित न होने वाली समस्याएं ही जिला उद्योग बंधु की बैठक में रखी जाएंगी।

ये विभाग रहेंगे मौजूद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यूपीएफसी, यूपीएसआईडीसी, व्यापार कर, विकास प्राधिकरण, नगर निगम, बिजली सुरक्षा, डिस्कॉम, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, अग्नि शमन, श्रम और वन विभाग।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें