कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. प्रतीक वाजपेयी ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। बुधवार देररात तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे थे। यहां इलाज के दौरान भी उनकी हालत बिगड़ती रही, यह देख निजी अस्पतालों के चक्कर काटे, पर कहीं भर्ती नहीं करा सके।
इस पर फिर से हैलट ले आए, जहां थोड़ी ही देर में उनकी मौत हो गई। डॉ. प्रतीक की मौत की वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। डॉक्टरों का मानना है कि पेट में तेज दर्द उठने के बाद उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। चर्चा यह भी रही कि हार्टअटैक के चलते मौत हुई। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को गुरुवार रात उनकी मौत की जानकारी हुई।
डॉ. प्रतीक जूही क्षेत्र के रहने वाले थे। बुधवार देररात हैलट में इलाज शुरू कराने के बाद भी उनकी हालत बिगड़ती रही। इससे परेशान परिजन उन्हें रीजेंसी और फिर मधुराज अस्पताल ले गए, लेकिन कहीं भर्ती नहीं करा सके। मजबूरन फिर से हैलट लेकर पहुंचे, जहां डॉ. प्रतीक ने दम तोड़ दिया। न्यूरो सर्जन डॉ. राघवेंद्र गुप्ता ने बताया कि डॉ. प्रतीक को तेज पेट दर्द होने की जानकारी मिली है।
इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है। उनके पिता डॉ. पीएन वाजपेयी सीएमओ कन्नौज रहे हैं। डॉ. प्रतीक एमएस के बाद मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजीडेंट के पद पर कार्यरत थे। उनकी मौत की जानकारी पर मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर दौड़ गई। उधर, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन डॉ. प्रतीक की मौत पर कुछ भी बोलने से बचता रहा। उनकी मौत की वजह स्पष्ट करने में भी परहेज किया।