300 मीटर दूर तक केबल अभी नहीं बिछ पाया
टीटीपी से पनकी पावर हाउस तक 700 मिलीमीटर ब्यास की पाइपलाइन भी बिछाई है। जल निगम ने प्लांट में पावर विद्युत कनेक्शन के लिए केस्को में दो महीने पहले आवेदन किया था। वहां ट्रांसफार्मर लग गए हैं, पर करीब 300 मीटर दूर तक विद्युत केबल अभी नहीं बिछ पाया है। केस्को ने इसी माह के अंतिम सप्ताह में कनेक्शन देने का आश्वासन दिया है।
पहले लोअर गंगा केनाल से लिया जाता था पानी
पनकी पावर हाउस में पहले लोअर गंगा केनाल से रोज करोड़ों लीटर पानी लिया जाता था। अब निर्माण की वजह से ढाई साल से प्लांट बंद है। इसमें इस्तेमाल होने वाले नहर के पानी को बचाने के लिए सीवेज के शोधित पानी के उपयोग का फैसला 2018 में लिया गया था। इस प्लांट के निर्माण के लिए धन भी पावर हाउस ने ही दिया है। पुराने पावर हाउस की जगह अब आधुनिक प्लांट बन गया है, जिसका ट्रायल भी शुरू हो गया है।
इस्तेमाल के बाद पानी आरओ वॉटर के पानी की तरह शुद्धता का दावा
जल निगम (शहरी) के अवर अभियंता राघवेंद्र सेन का दावा है कि टीटीपी में सीवेज को शोधित करते हुए उस तरह का पानी अलग किया जाएगा, जैसा आरओ वॉटर का होता है। हालांकि इस पानी में मिनरल्स की कमी रहेगी। यदि इसमें मिनरल्स मिला दिए जाएं, तो पानी पीने योग्य भी हो जाएगा। फिलहाल इस पानी का प्लांट में ही उपयोग किया जाएगा।
बिनगवां में टर्सरी ट्रीटमेंट प्लांट और वहां से पनकी पावर हाउस तक पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। इसी माह विद्युत कनेक्शन मिलते ही टेस्टिंग और मई से पनकी पावर हाउस को रोज सीवेज के चार करोड़ लीटर शोधित पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी। -विशाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम (शहरी)