कानपुर में भीतरगांव के गांव बेहटा बुजुर्ग में 29 अप्रैल 2007 को वीरेंद्र सिंह उर्फ रज्जन सिंह की हत्या के बाद हत्यारोपियों ने दहशत फैलाने के लिए कई राउंड फायरिंग की थी। तेज गर्मी और उमस की वजह से वीरेंद्र सिंह शाम साढ़े छह बजे परिवार के साथ बाहर बैठे हुए थे। अचानक से हत्यारोपियों ने उनके ऊपर कुल्हाड़ी, फरसा और लाठी से हमला कर दिया। उनको बचाने आए फौजी बेटे नवनीत सिंह को भी लहूलुहान किया।
हमले में वीरेंद्र सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद गांव वाले घरों के अंदर दुबक गए थे। घाटमपुर के तत्कालीन सीओ हरिशरण सिंह और कोतवाल एसके मलिक गांव पहुंचे थे। उन्होंने मौका मुआयना कर मामले की जांच की। मृतक के बेटे विशाल सिंह की तहरीर पर रिटायर्ड जिला जज शिवबरन सिंह, उनकी पत्नी नीलम सिंह, पुत्र यशोवर्धन व जयवर्धन, जयवर्धन की पत्नी शीलू के खिलाफ नामजद हत्या व हत्या का प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।