इटावा। औषधि निरीक्षक ने पांच सदस्यीय टीम ने शहर के सराय शेख में सात दिन पहले गुप्ता फार्मा एंड कंपनी की फैक्टरी पकड़ी थी। यहां पर बिना पंजीकरण के 10 साल से दवाएं बनाई जा रहीं थीं। यहां एक्सापर्य दवाओं को मिक्सर आदि उपकरणों में पीसकर उन्हें रंग-बिरंगे कैंप्सूल में भरकर आयुर्वेदिक के नाम पर सालों से बेचा जा रहा था। डीआई ने इस मामले में कंपनी से सात दिन में बिल पेश करने को नोटिस दिया था। निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद विभाग को एक्सपायर दवाओं के न बिल दिए है और न कोई जवाब मिला है।
डीएम अवनीश राय ने दो दिसंबर को गुप्ता फार्मा एंड कंपनी के खिलाफ छापेमार कार्रवाई के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की थी। औषधि निरीक्षक रजत पांडेय ने बताया गुप्ता फार्मा एंड कंपनी ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। वहीं, लखनऊ से आने वाली सैंपल रिपोर्ट में अगर दवाइयों के नमूने फेल होते हैं तो कंपनी संचालक राजीव कुमार गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इसमें दोनों पक्षों की गवाही होने के बाद कोर्ट फैसला सुनाएगी।