कानपुर। पनकी इंडस्ट्रियल एरिया साइड नंबर-3 स्थित एमएल फैक्टरी के पीछे बसी करीब 100 परिवारों की कच्ची बस्ती में पांडु नदी का पानी 20 दिन से अधिक समय बाद भी नहीं उतरा है। पानी बढ़ने पर परिवारों को अपना सामान समेटने तक का मौका नहीं मिला और जान बचाकर घर छोड़ने पड़े। अब बस्ती के लोग सड़क किनारे तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर हैं। घरों में रखा सामान पानी में डूबकर खराब हो चुका है। इससे करीब 300 लोग प्रभावित है।
क्षेत्र निवासी राम प्रकाश, कुलदीप और संतराम ने बताया कि अब तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिली। करीब 15 दिन पहले लेखपाल उदय सिंह ने प्रभावित परिवारों का विवरण जुटाया था, लेकिन उसके बाद कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। सामाजिक संस्थाओं, उद्यमियों और कुछ फैक्टरी संचालकों की मदद से भोजन-पानी मिल पा रहा है। बस्ती में एलएमएल और आसपास की फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों के परिवार रहते हैं। पानी भरा होने के कारण घरों में लौटना संभव नहीं है। परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों के साथ रहने की जगह का संकट भी है। पीड़ितों ने प्रशासन से राहत सामग्री के साथ बस्ती के पुनर्वास की मांग की है।
बातचीत
सब कुछ हो गया अस्त-व्यस्त
बीस दिन से ज्यादा हो रहे बाढ़ से सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़क पर तिरपाल के नीचे गुजर-बसर करने को मजबूर है। कोई सरकारी सहायता तक नहीं मिली है। - पार्वती देवी
विषैले जंतुओं का खतरा
बस्ती की महिलाएं और बच्चे सड़क पर रात बिताने को मजबूर हैं। अंधेरा होने के कारण रात में विषैले जंतुओं का खतरा बना रहता है। इसलिए, कुछ लोग जाग कर पहरा देते हैं। - पिंकी देवी