फतेहपुर के मलवां थाना क्षेत्र के चितौरा गांव में रविवार की दोपहर घर के बाहर छप्पर में आग लग गई। अग्निकांड में जलता छप्पर दो मासूम बच्चियों पर गिर गया। जलते छप्पर के नीचे दबने से दोनों की झुलस कर मौत हो गई। बच्चियां रिश्ते में बुआ-भतीजी थीं।
हादसे के समय परिवार के लोग खेत में काम करने गए थे। सूचना पर एसपी प्रशांत वर्मा छानबीन को पहुंचे। ग्रामीणों ने दमकल के देरी से पहुंचने पर नाराजगी जताई है। अग्निकांड में दो बकरियों की भी मौत हुई है और गृहस्थी भी जलकर बर्बाद हो गई।
चितौरा गांव निवासी राजकली पत्नी स्व. ननका के घर पर दोपहर करीब एक बजे पड़ोस में रहने वाले भतीजे विजय रैदास की पुत्री रजनी (4) खेलने गई थी। वहां पर राजकली की बेटी श्वेता उसकी हमउम्र है। दोनों बच्चियां घर के बाहर छप्पर के नीचे खेल रही थीं, तभी जलता छप्पर गिरने से बच्चियां उसके नीचे दब गई।
छप्पर जलने से धुआं उठता देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बच्चियों की चीखें सुनकर उनके होश उड़ गए। ग्रामीण एकजुट होकर छप्पर की आग बुझाई और 112 नंबर पर सूचना दी गई। घर के पीछे के हिस्से से चढ़कर लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया गया।
आग शांत होने पर जब छप्पर हटाया गया तो दोनों मासूम मृत अवस्था में मिलीं। विजय की चाची राजकली ने बताया कि वह दोपहर खाना बनाने के बाद खेत चली गई थी। तभी भतीजे की बेटी रजनी घर खेलने आई होगी। अग्निकांड उसकी बेटी श्वेता और रजनी की जलकर मौत हो गई।
बेटी रजनी की बुआ लगती थी। एसपी प्रशांत वर्मा, सीओ सिटी केडी मिश्रा, एसडीएम आशीष कुमार यादव, नायब तहसीलदार विकास पांडेय मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना देने के बाद भी दमकल कर्मी करीब पौन घंटे देरी से पहुंचे। सीओ सिटी केडी मिश्रा ने बताया कि आग का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। बच्चों के खेल खेल में आग लगाने या फिर चूल्हे की चिंगारी से छप्पर में आग लगने की आशंका जताई जा रही है।