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Kanpur News: सचिवालयों में ताले, फाइलों में काम का बोझ

Tue, 11 Aug 2026 01:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। शासन के आदेश के बाद भी लेखपाल और सचिव समय से सचिवालय नहीं पहुंच रहे हैं। कई सचिवालयों में ताला लटक रहा। इससे फाइलों में काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। वहीं, ग्रामीण ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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जनपद की 618 ग्राम पंचायतों में बने पंचायत सचिवालयों की कमान 148 पंचायत सचिव, 527 पंचायत सहायक के हाथों में है। बीती एक जुलाई को राजस्व परिषद की ओर से ये आदेश जारी किया गया था कि लेखपाल भी सचिवालयों में बैठकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। हालांकि उनके आदेशों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है।
बुधवार को सरवनखेड़ा, अमरौधा, संदलपुर ब्लॉक के पंचायत सचिवालयों की हकीकत जांचने के लिए संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल की। सुबह 11 बजे तक कई सचिवालयों में ताले लटकते नजर आए। कुछ जगह पंचायत सहायक मिले लेकिन लेखपाल और सचिव नदारद थे। सवाल यह है कि कुछ दिन पहले ही सीडीओ ने आदेश दिए थे कि सभी सचिवालयों में सचिवों की उपस्थिति होनी चाहिए। इसके लिए रोस्टर भी लगाया गया है। इसके बावजूद यह रोस्टर सोमवार को प्रभावी नजर नहीं आया।
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सबसे बड़ी बात ये है कि ग्राम पंचायतों में सचिवों की उपस्थिति के लिए सीडीओ ने पंचायतवार रोस्टर व्यवस्था लागू की है। इसके तहत प्रत्येक सचिव को निर्धारित ग्राम पंचायत में प्रतिदिन सुबह 10 बजे पहुंचकर फेसियल रिकग्निशन आधारित प्रणाली से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी है। इसके बाद वह ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे लेकिन जब सचिव पहुंच ही नहीं रहे हैं तो उनकी उपस्थिति कैसे दर्ज हो रही है।
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ये सुविधाएं मिलने का दावा..
पंचायत सचिवालयों से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, वृद्धा/विधवा/दिव्यांग पेंशन और किसान सम्मान निधि जैसी सुविधाओं के आवेदन व समस्याओं का निवारण यहीं से होता है। पंचायत सहायक व सचिव की मौजूदगी रहती है। यह पंचायत से जुड़ी विकास योजनाओं का रिकॉर्ड रखते हैं और ग्रामीणों की सहायता करते हैं। सचिवालयों में इंटरनेट, कंप्यूटर और प्रिंटर की सुविधा होती है। जिससे विभिन्न सरकारी पोर्टल्स से जुड़े कार्य गांव में ही हो जाते हैं। किसी ग्रामीण को भटकना न पड़े, इसके लिए लेखपालों को भी पंचायत सचिवालयों में बैठने के निर्देश हैं।
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सीन-1
संदलपुर ब्लॉक के संदलपुर स्थित पंचायत सचिवालय में सोमवार सुबह 11 बजे तक ताला बंद था। यहां सचिव, लेखपाल दोनों ही नहीं मिले। लेखपाल व सचिवों के बैठने का दिन या समय का कोई रोस्टर भी नहीं लगा मिला। सचिव मधुलता ने बताया कि वह जलालपुर डेरापुर में तिरंगा रैली निकाल रही हैं। जिसके कारण सचिवालय नहीं पहुंच सकीं। लेखपाल दिनेश गुप्ता ने बताया कि वह तहसील के कार्य में व्यस्त होने के कारण सचिवालय नहीं पहुंच सके।
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सीन-2
पंचायत सचिवालय हवासपुर में 12:30 बजे ताला बंद मिला। यहां स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक संग्राम सिंह ने बताया कि सचिवालय पांच महीने से नहीं खुल रहा है। सचिव जगदीप श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी बैठक मुख्यालय में होने के कारण वह सचिवालय नहीं पहुंच सके। बीडीओ संदलपुर संदीप कुमार ने बताया कि उन्हें सचिवों की सचिवालय पहुंचने की जानकारी नहीं है। अगर रोस्टर के बाद भी सचिव नहीं पहुंचे हैं तो जानकारी कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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सीन-3
अमरौधा ब्लॉक के हलिया गांव स्थित पंचायत सचिवालय में सुबह 11 बजे तक लटकता ताला मिला। मौके पर पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और लेखपाल नहीं मिले। ग्रामीणों ने बताया कि हफ्ते में एक बार ही कार्यालय खुलता है। वहीं लेखपाल प्रवीण शुक्ल ने बताया कि वह आवश्यक काम से तहसील में है जिसके कारण पंचायत सचिवालय में नहीं जा सके।
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सीन-4
सरवनखेड़ा ब्लॉक के सैंथा में सुबह 11 बजे तक पंचायत सचिवालय बंद मिला। सचिव दीक्षा सचान ने बताया की सोमवार को उनकी ड्यूटी पंचायत भवन हिलौठी में लगाई गई है। वह वहां पर हैं। वहीं, लेखपाल महरूप सिंह ने बताया की सरकारी कार्य की वजह से वह तहसील में है। दोपहर बाद वह पंचायत भवन पहुंच गए थे।
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बयान.....
लेखपालों के बैठने के आदेश के बाद सभी पंचायत सचिवों का रोस्टर जारी कर दिया गया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन समय से पंचायत भवनों में पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुन निस्तारित करें। कहीं पर लापरवाही सामने आ रही है तो हकीकत जांची जाएगी। संबंधित से स्पष्टीकरण तलब कर कार्रवाई की जाएगी। - विकास पटेल, डीपीआरओ
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