उन्होंने आरोप लगाया कि तीनों अधिकारी शराब के नशे में थे। परिचालक ने उन्हें बताया कि बिना टिकट सवारियां रोडवेज स्टाफ की है, जिसको पे बिल सीट में दर्शाया गया है। 89 सवारियों के टिकट बनाए जाने की बात कही। उन्होंने उसे अपनी गाड़ी में घसीट टिकट मशीन और पेपर छीन लिए। इसे देख सवारियां भड़क उठीं और तीनों अधिकारियों से बहस करने लगीं। लेकिन जब अधिकारियों ने सवारियों को गालियां देना शुरू कर दिया, तो उन्होंने तीनों को पकड़कर खूब पीटा। घटना के बाद रात लगभग साढ़े 11 बजे तीनों अधिकारी थाना पहुंचे। इसी बीच वह भी बस लेकर पहुंच गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार उपाध्याय ने बताया इस घटना की अलग-अलग तीन तहरीर मिली हैं। एक बस कंडक्टर रमाकांत राजपूत की तरफ से दी गई है। वहीं, दूसरी टीएस प्यारेलाल चौरसिया और दोनों टीआई ने दी है। तीसरी बस में सवार यात्रियों ने दी है। उन्होंने बताया कि घटना में आ रहा है कि चेकिंग के दौरान देर ज्यादा लगने और रात भी काफी हो जाने से सवारियों और अधिकारियों के बीच बहस के बाद मारपीट हुई है। चेकिंग अधिकारियों का मेडिकल चेकअप कराया गया है और उनकी तहरीर पर बस परिचालक, ड्राइवर और अज्ञात सवारियों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है।