केस1: भीतरगांव के प्राथमिक विद्यालय धिरजापुर के 11 बच्चों का समायोजन दो किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक विद्यालय शाखाहारी में कर दिया गया। अधिक दूरी होने से कई छात्रों के अभिभावकों ने स्कूल के समायोजन में संशोधन की गुहार लगाई है।
केस2: शिवराजपुर ब्लॉक में मोहनपुरवा स्थित विद्यालय का समायोजन 1.7 किलोमीटर दूर स्थित घेमऊ में कर दिया गया। दोनों स्कूलों के बीच एक बड़ा सा नाला है, जिसे पार करके ही घेमऊ स्कूल जा सकते हैं। स्कूल के अभिभावकों ने समायोजन रद्द करने की मांग की है।
केस3: चौबेपुर ब्लॉक के सलेमपुर बिठूर के 11 बच्चों का समायोजन डेढ़ किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय चिंतापुरवा में कर दिया गया है। दूर स्कूल होने की वजह से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है।
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। यह तीन केस तो बानगी भर है। कानपुर नगर के परिषदीय स्कूलों में चल रही समायोजन की प्रक्रिया में कई शिकायतें शिक्षा विभाग के अफसरों के पास आ रही है। अधिकतर शिकायतें स्कूलों की दूरी की हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि समायोजन नियमानुसार ही किया जा रहा है। स्कूल से स्कूल की दूरी के साथ बच्चों के घर से स्कूल की दूरी का भी ध्यान रखा गया है। विभाग का कहना है कि आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
परिषदीय स्कूलों में कम हो रही छात्र संख्या के तहत शासन की ओर से स्कूलों के समायोजन का आदेश जारी किया गया था। विभाग में समायोजन कि प्रक्रिया चल रही है। अभी तक 187 स्कूलों को समायोजित किया गया है। इसके बाद से विभाग में लगातार आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। स्कूल के शिक्षक, अभिभावकों की ओर से दूरी की आपत्ति दर्ज कराई गई है। नियम है कि 50 से कम संख्या होने पर स्कूलों का समायोजन होगा। कई स्कूल ऐसे हैं, जिनमें तय मानक से दो-चार बच्चे ही कम हैं, उनका भी समायोजन कर दिया गया है। ऐसे स्कूलों ने भी आपत्ति जताई है। शिवराजपुर में कांशीराम नगर में बच्चों की संख्या 30 होने पर स्कूल को समायोजित किया था, स्कूल का कहना है कि उन्होंने दाखिले बढ़ाकर 52 कर लिए हैं। इस कारण उनका समायोजन निरस्त कर दिया जाए।
समायोजन नियमानुसार किया गया है। एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर ही समायोजन किया गया है। फिर भी किसी को परेशानी है तो अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। सुरजीत सिंह, बीएसए