कानपुर देहात। जनपद में अवैध स्कूल वाहन बेखौफ दौड़ रहे हैं। ये आए दिन हादसों का कारण भी बन रहे हैं। इसके बाद भी परिवहन विभाग इन पर कार्रवाई करने के लिए गंभीर नहीं हैं।
यह स्थिति तब है जब जनपद में परिवहन विभाग की तरफ से मिशन सेफ फ्यूचर अभियान मानक विहीन स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का दावा किया जा रहा है।
जनपद के परिवहन विभाग में 610 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 426 स्कूली बस व 184 मैक्सी कैब संचालित हैं लेकिन सड़कों पर इससे दो गुने स्कूली वाहन फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। शासन की तरफ से स्कूली वाहनों के लिए मानक तय कर रखे हैं। जिसका पालन करवाने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को दी है। इसके बाद भी अनदेखी हो रही है।
जिम्मेदारों की नींद भी तब टूटती है, जब कोई बड़ा हादसा होता है। एक दो दिन अभियान चलाकर खानापूर्ति कर दी जाती है और इसके बाद सब ठंडे बस्ते में चला जाता है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शनिवार को पड़ताल की तो कई स्कूली बच्चे ई-रिक्शा व ऑटो से स्कूल जाते व वापसी करते नजर आए। जबकि कई निजी वाहन चालक स्कूली बच्चों को बैठाकर चौराहे से गुजरते रहे और यातायात पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही। इसका परिणाम है कि हाल ही में राजपुर के अटल नगर में एक निजी वाहन में 19 स्कूली बच्चे बैठे हुए थे और उसके खड्ढे में पलट जाने से आठ बच्चे घायल हो गए। इसके बाद भी जिम्मेदार संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं।