फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: योजनाएं बंद, मदरसा में घट रहा छात्रों का पंजीकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। मदरसों में चलने वाली सरकारी योजनाओं के बंद होने का सीधा असर अब वहां पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ रहा है। पिछले नौ वर्षों में मदरसों में छात्रों की संख्या में 62 फीसदी तक की कम हो गई है। बोर्ड परीक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों का आंकड़ा साल-दर-साल कम हो रहा है। इसके पीछे मदरसों में चलने वाली योजनाओं का बंद होना और कामिल फाजिल रद्द होना भी है।
विज्ञापन

जिला अल्पसंख्यक विभाग के अनुसार, वर्ष 2023 में करीब 10 से 12 मदरसे ऐसे थे जो निर्धारित मानक के अनुसार न्यूनतम प्रवेश भी नहीं दिला सके। यही स्थिति 2024, 2025 और 26 में भी रही। 2023 के बाद से मदरसों की संख्या भी घटने लगी, जिसमें अनुदानित 24 और प्राइवेट शहर में ढाई सौ मदरसे संचालित थे, जो अब 190 ही बचे हैं। केंद्र सरकार की ओर से कक्षा 8 तक मिलने वाली छात्रवृत्ति, लैपटॉप योजना और शादी अनुदान जैसी योजनाएं पूरी तरह बंद हैं। वर्ष 2016 के बाद से न तो नए मदरसों को मान्यता मिली है और न ही कोई सरकारी अनुदान जारी हुआ है।
ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन मदारिस-ए-अरबिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कारी मो. सगीर आलम हबीबी ने बताया कि मदरसों को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई मदरसा आधुनिकीकरण योजना का भी साल 2021 से नवीनीकरण नहीं हुआ है। उसके तहत भर्ती सभी शिक्षकों ने दूसरा कोई रोजगार ढूंढ लिया है या वे बेरोजगार हैं। अनुदान न मिलने से शिक्षकों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। मैनेजर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के जनरल सेक्रेटरी डॉ. रशीद अनवर सिद्दीकी ने बताया कि मदरसे में छात्रों की संख्या घटने की वजह योजनाओं का बंद होना है।
विज्ञापन
विज्ञापन



छात्र पंजीकरण के घटते आंकड़े

वर्ष 2018- 5,796 छात्र
वर्ष 2019- 4,504 छात्र
वर्ष 2020- 4,809 छात्र
वर्ष 2022- 4,240 छात्र
वर्ष 2023- 3,643 छात्र
वर्ष 2024- 3,631 छात्र
वर्ष 2025- 2,320 छात्र
वर्ष 2026- 2,187 छात्र
नोट : कोरोना काल वर्ष 2021 में यह संख्या घटकर मात्र 713 रह गई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें