नहीं होगा वोल्टेज का उतार-चढ़ाव
नए सिस्टम के तहत वोल्टेज का उतार-चढ़ाव नहीं होगा। किस फीडर पर कितना लोड है, इसकी जानकारी मिलने पर फीडर संतुलन भी किया जा सकेगा। किस क्षेत्र में कितनी बिजली चोरी हो रही है और किस समय हो रही है। उसकी लोकेशन भी कंट्रोलरूम को मिलेगी। इससे वहां छापामारी अभियान कर बिजली चोरी भी रोकी जा सकेगी।
64 करोड़ में पूरी हुई परियोजना
इस परियोजना की लागत लगभग 64 करोड़ रुपये है। 44 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी कानपुर और 20 करोड़ रुपये केस्को की तरफ से खर्च किया गया है। परियोजना को पूरा होने के बाद छह साल तक इस सिस्टम का रखरखाव कार्यदायी कंपनी जीई (जनरल इंजीनियरिंग) करेगी। आईआईटी कानपुर इसका सलाहकार है।
परियोजना तैयार हो चुकी है। इसका ट्रायल भी पूरा हो गया है। फरवरी में इसका उद्घाटन कराने की तैयारी है। पहले चरण में 14 सबस्टेशन इससे जुड़ेंगे। इसके बाद स्मार्ट बिजली से पूरा शहर जुड़ जाएगा। -मनीष गुप्ता, अधिशासी अभियंता, निर्माण, केस्को