इस बार सावन 28 जुलाई से शुरू होकर 26 अगस्त को समाप्त होंगे। भगवान शिव की अाराधना व उन्हें प्रसन्न करने का ये उत्तम समय माना जाता है। सावन मास के दौरान व्रत, अनुष्ठान, दान-पुण्य कई गुना फलदायी होता है।
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सावन सोमवार व्रत विधि
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सावन सोमवार व्रत सूर्योदय से प्रारंभ होकर संध्याकाल तक किया जाता है। स्नानादि नित्य कर्म करने के बाद श्वेत या हरे रंग के वस्त्र धारण करने के बाद ही विधि विधान से पूजन करें।
संध्या के समय प्रदोष बेला में पुष्प, दूर्वा, मिष्ठान आदि अर्पित करें। भगवान शंकर की विधिपूर्वक पूजा करने के बाद व्रत कथा अवश्य सुनें।
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व्रत नियमों का रखें ख्याल
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सावन मास में पूजन करने से समस्त देवी-देवताओं के पूजन करने जितना विशेष फल प्राप्त होता है। तप और जप के लिए इस मास को हमारे शास्त्रों में विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि व्रती को इस दौरान अपनी किसी प्रिय वस्तु के त्याग करने से मनचाहा फल प्राप्त होता है। मास भर व्रती को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
सावन के प्रमुख पर्व और त्योहार
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30 जुलाई - पहला सोमवार व्रत
31 जुलाई- संकष्ठी गणेश चतुर्थी व्रत
6 अगस्त- दूसरा सोमवार व्रत
8 अगस्त- कामदा एकादशी व्रत
9 अगस्त- प्रदोष व्रत
11 अगस्त- हरियाली अमावस्या व शनैश्चरी अमावस्या