फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चमत्कार...आस्था या कुछ और: नंदी की मूर्ति पी रही दूध, मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, वीडियो भी वायरल

Sat, 08 Jul 2023 01:29 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Hardoi News: भक्तों ने बताया यह कार्यक्रम शाम सात बजे से शुरू होकर रात 10 बजे तक चलता रहा। उसके बाद नंदी ने दूध पीना बंद कर दिया, जिसके बाद भक्तों की भीड़ भी धीरे-धीरे कम हो गई। हालांकि यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व में भी नगर व क्षेत्र में ऐसा चमत्कार हो चुका है।
विज्ञापन
मंदिर में दूध पीते नंदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरदोई जिले के पाली कस्बे में हरदेवमहाराज मंदिर पर शुक्रवार की शाम नंदी के दूध पीने की घटना सामने आई। सोशल मीडिया पर खबर फैलते ही मंदिर के बाहर सैकड़ों की संख्या में भक्तों की भीड़ जमा हो गई। तीन घंटे तक नंदी को दूध पिलाने का कार्यक्रम चलता रहा।

विज्ञापन

बता दें कि नंदी के दूध पीने का मामला क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इसे आस्था कहें या अंधविश्वास वह अलग बात है, लेकिन भक्त इसे आस्था से जोड़कर देख रहें हैं। साथ ही, सावन मास में इसे भोलेनाथ का चमत्कार मान रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पाली कस्बे के मोहल्ला आबिद नगर में हरदेवमहाराज के नाम से एक मंदिर है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुक्रवार की शाम सात बजे मंदिर पर आरती हो रही थी। आरती के पश्चात महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर नंदी को चम्मच से दूध का भोग लगाया।

विज्ञापन

दूध और चम्मच लेकर मंदिर की ओर दौड़े भक्त
इसे नंदी ने पी लिया और ये खबर सामने आते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। जिसने भी सुना वह हाथ में दूध और चम्मच लेकर मंदिर की ओर दौड़ पड़ा। भगवान शिव के प्रिय नंदी को दूध पिलाने की जद्दोजहद में जुट गया। भक्तों में अपनी बारी आने को लेकर धक्का-मुक्की भी देखने को मिली।

सोशल मीडिया पर वीडियो भी हुआ वायरल
किसी ने नंदी के दूध पीने का वीडियो भी बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बता दें कि जो भी भक्त नंदी को दूध पिलाकर मंदिर से निकला उसके चेहरे पर एक अलग तरह की खुशी देखने को मिली। पूरा मंदिर बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा।
विज्ञापन



पहले भी हो चुके हैं ऐसे चमत्कार

भक्तों ने बताया यह कार्यक्रम शाम सात बजे से शुरू होकर रात 10 बजे तक चलता रहा। उसके बाद नंदी ने दूध पीना बंद कर दिया, जिसके बाद भक्तों की भीड़ भी धीरे-धीरे कम हो गई। हालांकि यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व में भी नगर व क्षेत्र में ऐसा चमत्कार हो चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें