शिवराजपुर के बिल्हौर में खेरेश्वर महादेव मंदिर में आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। मान्यता है कि मंदिर में आज भी अश्वत्थामा सबसे पहले शिवलिंग की पूजा करते हैं। भोर में मंदिर के पट खुलने पर जंगली फूल व जल चढ़ा मिलता है। वैसे तो पूरे वर्ष यहां श्रद्धालुओं के आने के तांता लगता रहता है। लेकिन सावन के महीने में भारी भीड़ उमड़ती है।
कानपुर, कानपुर देहात, उन्नाव व कन्नौज समेत कई जिलों से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर की प्राचीनता का दस्तावेजों में पुख्ता प्रमाण तो नहीं मिलता है। मान्यता यह है कि गुरु द्रोणाचार्य ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी। यहीं पर द्रोणाचार्य अपने पुत्र अश्वत्थामा को गुप्त शस्त्र विद्याओं का ज्ञान देते थे। मंदिर की महत्ता के बारे में बताया जाता है कि अश्वत्थामा आज भी यहां नित्य पूजन करने आते हैं। सुबह मंदिर का खुलने पर शिवलिंग पूजित मिलता है। जंगली फूल व जल भी चढ़ा मिलता है।