11 बजे तक रुपये ट्रांसफर कर देना
हंसिका के पिता ने उससे कहा कि बेटा रुपयों के इंतजाम के लिए गांव आए हैं। सोमवार दोपहर तक पांच लाख का इंतजाम हो पाएगा। इस पर हंसिका पांच लाख के लिए ही राजी हो जाती है और रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहती है। बोली पापा जी कर 11 बजे तक रुपये ट्रांसफर कर देना, तो ये लोग हमें छोड़ देंगे।
कहा-मेरे मां-बाप हैं, मैं खुद देख लूंगी
सोमवार को उसे और प्रेमी राज सिंह को अपहरण की साजिश रचने के आरोपों में जेल भेज दिया गया। पर अफसोस...उसे पछतावा नहीं है। मीडिया ने जब अपने ही माता-पिता के साथ ऐसा करने को लेकर सवाल पूछे तो ढीठता से कहा-मेरे मां-बाप हैं, मैं खुद देख लूंगी। मैंने गलती की है तो कानून सजा देगा। आप अपना काम करें।
एफडी को तुड़वाकर खर्च कर चुकी थी
पढ़ाई-लिखाई में अच्छी हंसिका को हाल ही में रुड़की के एक प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला भी मिल गया था। बस फीस ही जमा होनी थी। हंसिका फीस के लिए कहा तो पिता 2.21 लाख की वह एफडी तुड़वाने के लिए कहा, जो उन्होंने हंसिका के नाम कर रखी थी। लेकिन वह तो इस एफडी को चुपचाप तुड़वाकर अपने प्रेमी और खुद पर खर्च कर चुकी थी।
प्रेमी के साथ अपहरण का कहानी बुनी
प्रेमी राज सिंह से उसने पैसे मांगे पर उसने इन्कार कर दिया। हंसिका को जब कुछ नहीं सूझा तो उसने अपराध का रास्ता चुना। प्रेमी राज के साथ मिलकर अपने ही अपहरण का कहानी बुनी और घर वालों से 10 लाख की फिरौती के लिए फोन कर दिया। पिता ने उसी दिन शुक्रवार को बर्रा थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई।
पिता ने कर लिया था पैसे का इंतजाम
वाहन धुलाई केंद्र चलाने वाले नरेंद्र कुमार साथ ही रुपयों का इंतजाम करने में भी लग गए। गांव गए और किसी तरह पांच लाख रुपये का इंतजाम भी कर लिया। रविवार को हंसिका ने अपनी तीसरी और आखिरी कॉल में पांच लाख रुपये अपने खाते में भेजने के लिए कहा था। भोलेभाले पिता उसके खाते में पैसा भेजते।
वॉयस चेंजर एप की मदद से करता था कॉल
राज ने पुलिस को बताया कि वह हंसिका के पिता से बात करता था तो वॉयस चेंजर का इस्तेमाल करता था। दोनों के संबंधों की जानकारी हंसिका के माता-पिता को नहीं थी। सिर्फ हंसिका का छोटा भाई ही राज से दो-तीन बार मिला था। राज ने यह भी कहा कि भले ही उसे जेल भेज दिया जाए, लेकिन वह हंसिका का साथ कभी नहीं छोड़ेगा।
हंसिका के खाते में मंगवाना चाहते थे रकम
पुलिस के अनुसार दोनों लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। पहले लखनऊ गए। वहां एटीएम से एक हजार रुपये निकाले। इसके बाद गोंडा, अयोध्या और फिर बस्ती पहुंचे। वह बस अपनी लोकेशन बदल रहे थे। फिरौती की रकम को हंसिका के बैंक खाते में मांगी गई। डीसीपी के अनुसार मई में रजिस्टर्ड मैरिज करने के बाद दोनों ने इस प्लान पर काम शुरू कर दिया था।
लूट और चोरी में राज जा चुका जेल
पुलिस के अनुसार राज 2020 में गोविंदनगर थाने से लूट के मामले में जेल भेजा जा चुका है। इसके पहले उसने अपने हिस्ट्रीशीटर भाई के साथ मिलकर पनकी की एक फैक्टरी में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उस घटना में भी दोनों भाइयों ने फैक्टरी मालिक और पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी रची थी।