उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा सहित सभी दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। इसी बीच, अमर उजाला की टीम 'सत्ता का संग्राम' अभियान के तहत कानपुर नगर के आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र पहुंची, जहां व्यापारियों, युवाओं और महिलाओं से बातचीत में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। आर्यनगर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के अमिताभ बाजपेई विधायक हैं।
विधायक के काम पर क्या बोले स्थानीय व्यापारी
अमर उजाला के चुनावी कार्यक्रम 'सत्ता का संग्राम' के तहत कानपुर नगर की आर्यनगर विधानसभा सीट के व्यापारियों से बात की गई। व्यापारियों ने विधायक के कामकाज पर गहरी असंतुष्टि व्यक्त की है। बबलू वाजपेयी ने बताया कि कानपुर में सबसे ज्यादा जाम इसी विधानसभा में लगता है। 165 साल पुराना शिवाला बाजार जैसे प्रमुख बाजार हैं। विकास गुप्ता ने बताया कि खराब सड़कों और जाम के कारण ग्राहक आदि नहीं आते। व्यापारियों ने राज्य सरकार के कामकाज को "बहुत बढ़िया" बताया है। विजय प्रकाश गुप्ता और विकास गुप्ता ने सरकार के काम को ठीक और संतोषजनक कहा। व्यापारियों का कहना है कि सरकार अच्छा काम कर रही है। वे 2027 के चुनाव में सोच-समझकर अपना विधायक चुनेंगे।
सरकार से काम से महिलाएं कितना खुश, सुरक्षा और योजनाओं को बताया चुनावी मुद्दा
महिलाओं ने उत्तर प्रदेश में आए बदलाव, अपनी सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के लाभ पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में वे किन मुद्दों पर अपना विधायक चुनेंगी। राधा सैनी ने कहा कि पहले "रावण राज्य" था, अब "राम राज्य" है, जिसमें महिलाएं सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि योगी और मोदी सरकार आने के बाद से सब कुछ ठीक चल रहा है। महिलाएं अब रात 12 बजे भी सुरक्षित घर जा सकती हैं और खुलेआम नौकरी कर सकती हैं। सीमा ने भी इन्हीं मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। महिलाओं ने बताया कि पहले की तुलना में अब वे अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। छेड़छाड़ जैसी घटनाएं अब नहीं होतीं। महिलाओं को आयुष्मान योजना, आवास योजना और उज्ज्वला योजना जैसी कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। आवास योजना में घर महिला के नाम पर मिलता है, जिससे उन्हें सुरक्षा मिलती है। इन योजनाओं का लाभ मुस्लिम और हिंदू दोनों को समान रूप से मिल रहा है।
आर्यनगर विधानसभा में कितना विकास
आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों और व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था में पिछले 10 साल में आए बदलावों पर संतोष व्यक्त किया है। वे मुख्यमंत्री और सांसद के कामकाज को सराह रहे हैं। हालांकि, स्थानीय विधायक के प्रदर्शन को लेकर उनमें गहरी असंतुष्टि है। निवासियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था अब नंबर एक पर है। योगी के नेतृत्व में लोग रात 12-1 बजे भी सुरक्षित महसूस करते हैं। पहले कानपुर के कुछ इलाकों में रात में बाहर निकलना मुश्किल था। शिक्षा और चिकित्सा की स्थिति भी बढ़िया बताई गई है। लेकिन विधायक 5 साल के कार्यकाल में एक बार भी क्षेत्र में नहीं दिखे हैं। वे केवल वोट मांगने के समय ही नजर आते हैं।
विधायक के कामकाज पर जनता क्यो बोली
अमर उजाला के चुनावी कार्यक्रम 'सत्ता का संग्राम' के तहत आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों और व्यापारियों से बात की गई। लोगों ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के विकास कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। विकास जैसवाल ने बताया कि कानपुर में फूलबाग मैदान और नानारा राव पार्क का विकास हुआ है। ग्रीन पार्क स्टेडियम की क्षमता 55,000 होने जा रही है। योगी सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और स्कूल ड्रेसेस की योजनाएं लाई हैं। पीएम अस्पताल और शिला अस्पताल में बेहतर सुविधाएं मिली हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और छात्रों को स्कूटी देने की घोषणा की है। सुरक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है और क्राइम बहुत कम हुआ है। पुलिस की कार्रवाई से समाज में रंगदारी और बदमाशी जैसी चीजें खत्म हुई हैं। दीपक खन्ना ने कहा कि आर्यनगर का मुख्य मुद्दा शिक्षा और चिकित्सा है। आर्यनगर में सड़कों की व्यवस्था बहुत खराब है और कई घोटाले भी सामने आ रहे हैं। क्षेत्र में भारी जाम, गंदगी और अतिक्रमण एक बड़ी समस्या है। फुटपाथों पर कब्जे से पैदल चलना मुश्किल है, जिससे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। निवासी मुख्यमंत्री से अतिक्रमण हटवाने और व्यवस्था सुधारने की मांग करते हैं। वे ऐसा विधायक चाहते हैं जो जनता के बीच जाकर काम करे और नए चेहरों को मौका मिले।
आर्यनगर के युवाओं ने गिनवाए मुद्दे, जानें विधायक और सरकार के काम पर क्या बोले
आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं से बात की गई। युवाओं ने समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ वाजपेई के 10 साल के कार्यकाल पर गहरी असंतुष्टि व्यक्त की है। उन्होंने विधायक पर जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज करने और केवल चुनावी राजनीति करने का आरोप लगाया। पारस अवस्थी ने कहा कि विधायक ने 10 वर्षों में सिर्फ धरने और चुनावी राजनीति की है। युवाओं के अनुसार, विधायक ने शिक्षा और रोजगार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। गरजे जैसवाल ने सड़कों की खराब हालत और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई। शुभम बिश्नोई ने कहा कि विधायक की भूमिका क्षेत्र में नहीं दिखी, सड़कें बारिश में खराब हो जाती हैं। वे 2027 के विधानसभा चुनाव में परिवर्तन चाहते हैं।