कानपुर। पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान की भांजी ऋचा शुक्ला से मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में गुरुवार को आरोपी पति संदीप शुक्ला और उसके साथी राजकुमार श्रीवास्तव को गुरुवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। शिवराज टुबैको के मालिक संदीप और साथी राजकुमार को नजीराबाद और दिल्ली पुलिस ने मिलकर दिल्ली के होटल हयात रीजेंसी के रूम नंबर 157 से बुधवार देर रात गिरफ्तार किया था। उस वक्त दोनों नशे में धुत थे। कमरा बुक कराने में भी संदीप ने फर्जीवाड़ा किया था। उसने अपने कर्मचारी महेंद्र पांडेय की आईडी पर यह कमरा बुक कराया था। संदीप के पास से तीन लाख रुपये भी बरामद हुए हैं।
एसएसपी शलभ माथुर ने अपने दफ्तर में मीडिया के सामने दोनों की गिरफ्तारी का खुलासा किया। नई दिल्ली के आरके पुरम थाने में दाखिला करने के बाद इन्हें तड़के लगभग पौने तीन बजे कानपुर लाया गया। यहां इन्हें चौबेपुर थाने में रखकर पूछताछ करने के बाद सुबह नजीराबाद थाने में गिरफ्तारी की लिखापढ़ी पूरी की गई। दोपहर बाद पुलिस ने संदीप और उसके साथी को सीएमएम मीना श्रीवास्तव की कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि एफआईआर के लिए दी गई अर्जी के मुताबिक दो धारा नहीं बनती हैं। पुलिस ने यह दोनों धारा गलत तरीके से लगा दी हैं। कोर्ट ने संदीप शुक्ला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जेल में उसे मुलाहिजा बैरिक में रखा गया है।
एसएसपी के अनुसार संदीप के नशे में होने की वजह से ज्यादा पूछताछ नहीं हो पाई पर प्रथम दृष्टया संदीप ने कबूल किया कि वह ऋचा को नशे का इंजेक्शन देता था। बात न मानने पर उसकी पिटाई भी करता था। घटना के दिन उसने ऋचा से ज्यादा मारपीट की और इंजेक्शन भी दिया था। बता दें कि शहर के नजीराबाद थाने में ऋचा शुक्ला ने खुद तहरीर देकर पति समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। गंगाघाट (उन्नाव) में शिवराज नगर निवासी पति उद्योगपति संदीप शुक्ला, इनके मित्र डॉ. प्रमोद मिश्र, शैना सिंह, राजकुमार श्रीवास्तव, हरी प्रसाद चौहान, उमेश शुक्ला, सुखदेव शुक्ला और अमित त्रिवेदी नामजद थे। इन सभी पर आईपीसी की धारा 147(एक राय होकर जुटना), 307(जानलेवा हमला), 328(जबरन विषाक्त पदार्थ देना), 323(मारपीट कर घायल करना), 504(लोक शांति भंग करने के आशय से अपमान करना) और 506(धमकाना) लगाई गई थी। विवेचना में कुछ नई बातें सामने आने पर अब आईपीसी की धारा 498ए(किसी स्त्री से उसके पति या नातेदार द्वारा क्रूरता का व्यवहार करना) और 365(गुप्त तरीके से बंधक बनाने के लिए अपहरण करने) की धारा बढ़ा दी गई है। एसएसपी ने बताया कि लीगल एडवाइस लेकर यह धाराएं बढ़ाई गई हैं। एसएसपी ने बताया कि घटना के बाद संदीप और राजकुमार दिल्ली भाग गए थे। वहां रहकर दूसरों के जरिए पुलिस पर दबाव बना रहे थे।
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संदीप को रिमांड पर लेंगे
कानपुर। संदीप शुक्ला और राजकुमार श्रीवास्तव को नजीराबाद पुलिस रिमांड पर लेगी। इसके लिए जल्द ही कोर्ट में अर्जी डाली जाएगी। एसएसपी का कहना है कि इनसे जब रिमांड पर पूछताछ होगी तो कई नए-पुराने तथ्य सामने आएंगे। साथ ही यह भी तय हो पाएगा कि आठ आरोपियों में किस शख्स की कितनी भूमिका है। उस भूमिका के आधार पर उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होंगे। अभी तक की विवेचना में डॉ. प्रमोद मिश्र की भूमिका भी ज्यादा उत्पीड़न वाली लग रही है। उन पर नशीले इंजेक्शन उपलब्ध कराने और लगाने दोनों का आरोप है। जांच की जाएगी कि उन्हें इतने इंजेक्शन कहां से और कैसे उपलब्ध होते थे।