इटावा। खाद्य सुरक्षा टीम ने पांच माह पहले लिए गए नमूनों दूध, सरसाें के तेल व आइसकैंडी घोल के सैंपल फेल हुए हैं। इसका सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया था। इसमें चार लोगों को सजा सुनाई गई है।
सहायक खाद्य सुरक्षा आयुक्त सतीश कुमार शुक्ला ने बताया कि पांच माह पहले शहर में खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। इन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। इसमें चार नमूने फेल होने पर उनका वाद सीजेएम कोर्ट में दायर किया गया था। इसमें दोनों पक्षों की गवाही के बाद कोर्ट ने सजा सुनाई। इसमें सदर तहसील क्षेत्र के दीप टॉकीज स्थित मनोज कुमार की दुकान से सरसो के तेल का नमूना लिया गया।
सरसों के तेल में पॉम ऑयल की मिलावट मिलने पर कोर्ट ने उन्हें दो वर्ष की सजा व तीन हजार का जुर्माना लगया है। इसी तरह सती मंदिर के पास से दुकानदार सुदेश कुमार गुप्ता आइसकैंडी घोल का नमूना लिया गया। इसमें कलर में गुणवत्ता की कमी पाई गई जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक था। कोर्ट ने उन्हें एक वर्ष की कैद व एक हजार का जुर्माना लगाया है।
सिविल लाइन थाना स्थित फुदीलाल पाल की दुकान से दूध का नमूना लिया था। इसमें फैट व क्रीम नहीं मिली। इसके अलावा आलमपुरा मोहल्ले में विशुन दयाल की दुकान से दूध में क्रीम समेत फैट कम मिला। सीजेएम कोर्ट ने दोनों को एक-एक वर्ष की सजा व दो-दो हजार का जुर्माना लगाया।