औरैया में अक्तूबर 2001 में नेहरू इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति के विवाद में फायरिंग और हथगोलों के इस्तेमाल के दौरान एक शख्स की मौत के मामले में सपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष समेत चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार की अदालत से प्रत्येक अभियुक्त पर 2.56 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। सजा पाने वालों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह मामला नेहरू इंटर कॉलेज के तत्कालीन प्रबंधक व कांग्रेसी नेता संजय नगर निवासी राधाकृष्ण चतुर्वेदी (अब मृतक) की ओर से दर्ज कराया गया था। तहरीर में कहा गया था कि वह (राधाकृष्ण चतुर्वेदी) आठ अक्तूबर 2001 की शाम 5:35 बजे कुछ परिचितों के साथ अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे।
तिलक नगर निवासी तत्कालीन सपा नगर अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता, उसका पुत्र रानू, तत्कालीन प्रधानाचार्य नेहरू इंटर कॉलेज अवध नारायण त्रिपाठी, त्रिपाठी का बेटा राजू, सपा नेता राजू कुशवाहा, श्रीकृष्ण यादव निवासी जमालीपुर तथा दो अज्ञात लोग वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। झोलों में लाए हथगोले बरसाने लगे।
इनकी चपेट में आकर कल्लू खां पुत्र नबीबक्श निवासी भैरोपुर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। राधाकृष्ण चतुर्वेदी सहित पांच लोग घायल हो गए थे। मुकदमे की सुनवाई की अवधि में राधाकृष्ण चतुर्वेदी व एक आरोपी अवध नारायण त्रिपाठी की मृत्यु हो गई। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व शैलेश चौबे उर्फ पप्पल एडवोकेट ने अभियुक्तों को सजा की पैरवी की।
अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने मुख्तार खां निवासी दलेलनगर, जिलेदार निवासी वरहादेवी थाना बेला, पप्पू उर्फ जसवंत निवासी नौगंवा व सपा नेता राजू कुशवाहा निवासी नारायनपुर को दोषमुक्त कर दिया।
तत्कालीन सपा नगर अध्यक्ष व नेहरू इंटर कालेज के सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश गुप्ता व पुत्र रानू , राजू त्रिपाठी, श्रीकृष्ण यादव को आजीवन कारावास और 2.56 लाख रुपये प्रति दोषी अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की धनराशि का 50 फीसदी मृतक कल्लू के वारिसों को तथा शेष 30 फीसदी घायलों को बराबर देने का भी आदेश भी दिया है।