कानपुर देहात। जिले में संचालित पांच राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में से तीन संस्थानों की ओर से बायोमीट्रिक हाजिरी उपलब्ध नहीं करवाई। इस पर नोडल प्रधानाचार्य ने तीनों आईटीआई के स्टाफ का एक माह का वेतन रोक दिया है। कर्मचारियों ने शासनादेश में बायोमीट्रिक की अनिवार्यता न होने का हवाला देकर जिलाधिकारी से शिकायत कर त्योहार पर वेतन दिलवाने की मांग की है।
अकबरपुर आईटीआई के कर्मचारी पवन पांडेय के नेतृत्व में गुरुवार को अकबरपुर, सिकंदरा व रसूलाबाद आईटीआई के कर्मचारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र दिया। कर्मचारियों ने बताया कि तीनों आईटीआई की ओर से 30 जुलाई को जुलाई माह का वेतन बिल नोडल प्रधानाचार्य कपिल मिश्रा को उपलब्ध करवा दिया था। जिसका टोकन बुधवार को निरस्त हो चुका है।
वेतन न आने को लेकर कर्मचारियों ने नोडल प्रधानाचार्य से वार्ता भी की। नोडल प्रधानाचार्य की ओर से वेतन बिल पर हस्ताक्षर करने के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति को आधार बनाया जा रहा है। जिसका कोई शासनादेश उपलब्ध नहीं है। जबकि आईटीआई की ओर से वेतन आहरण के लिए जरूरी प्रमाण पत्र व बिल नोडल प्रधानाचार्य को दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक वेतन नहीं दिया गया है। बताया कि तीनों आईटीआई के करीब 60 कर्मचारियों का जुलाई माह का वेतन रुका है। रक्षाबंधन के त्योहार पर वेतन न मिलने से कर्मचारी परेशान हैं। वेतन नहीं मिला तो कर्मचारियों का त्योहार बेरंग जाएगा। आईटीआई के नोडल प्रधानाचार्य कपिल मिश्रा ने बताया कि सभी आईटीआई को बायोमीट्रिक लगवाने के पूर्व में ही निर्देश दिए थे। कर्मचारियों के आईटीआई आने-जाने के समय की सही जानकारी के लिए बायोमीट्रिक आवश्यक है। बिना पूर्ण साक्ष्य के राजकीय कोष से धनराशि आवंटित करना अनियमित्ता होगी। इसके चलते कर्मचारियों का वेतन रोका गया है।