फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएमओ-सीएमएस समेत आठ अफसरों का रोका वेतन

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। कोरोना संक्रमण पर रोकथाम के लिए प्रतिदिन डीएम की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठक को भी अफसर गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शनिवार को सीएमओ, सीएमएस जिला अस्पताल महिला, ड्रग इंस्पेक्टर सहित आठ अधिकारी अनुपस्थित रहे। डीएम ने सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
विज्ञापन

शासन की ओर से कोरोना संक्रमण की रोकथाम, किए गए कार्यों की समीक्षा आदि बिंदुओं को लेकर प्रतिदिन बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके क्रम मेें डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हर रोज सुबह 9 बजे स्वास्थ्य समेत महामारी से बचाव के उपायों से जुड़े अफसरों की बैठक की जाती है, अधिकांश अधिकारी इसे भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
जिससे शासन की मंशा के अनुरूप काम होने में दिक्कत आ रही है। शनिवार को सीएमओ डॉ. राजेश कटियार, जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शुभ्रा मिश्रा, डॉ. जेएस चौहान, जिला संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. यतेंद्र शर्मा, सहायक श्रमायुक्त अवधेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार, औषधि निरीक्षक रेखा सचान व सचिव मंडी समिति सुधीर कुमार बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे।
विज्ञापन

जिससे कई प्रमुख बिंदुओं के बावत डीएम को जानकारी नहीं मिल सकी। अफसरों की मनमानी पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन रोकते हुए जवाब तलब किया है। साथ ही बैठक में न पाने की स्थिति मेें पूर्व लिखित रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी सीएमओ ने डिप्टी कलेेक्टर को दी गलत सूचना
कानपुर देहात। कोरोना काल में भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आंकड़ों की हेराफेरी करने से बाज नहीं आ रहे। शनिवार को डिप्टी कलेक्टर साक्षी शर्मा ने कोरोना संक्रमितों की जांच के लिए गांवों में लगाई गई आरआरटी के बावत प्रभारी सीएमओ से जानकारी ली।
जिसपर उन्होंने 60 टीमें क्रियाशील होने की बात कही, लेकिन फोन से हकीकत जांचने में पता चला कि केवल 37 टीमें ही क्षेत्र में काम कर रही। मामले में डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें