50-60 हजार रुपये महीना सैलरी पाने वाले अफसरों को भी इन दिनों सीमित कैश से ही काम चलाना पड़ रहा है। करेंसी की किल्लत के चलते कार्यालय परिसर स्थित बैंकों से उन्हें सैलरी तो मिल रही है, लेकिन सिर्फ पांच हजार।
अफसरों की मुसीबतें यहीं तक सीमित नहीं हैं। इस पांच हजार में भी बैंककर्मी एक से दो हजार रुपये के सिक्के थमा रहे हैं। शनिवार को अपनी नौकरी के वर्षों बाद सरकारी अफसर परेशान घूमते दिखे। आवास विकास परिषद में तो अफसरों ने सिक्के दिए जाने पर खासा रोष जताया।
सभी सरकारी विभागों में एक तारीख को सैलरी आ गई है। बैंक शाखाओं में जितना कैश आ रहा है, प्रत्येक अफसर-कर्मचारी के अनुपात में बांटा जा रहा है। परिषद के कार्यालय स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा से अफसरों को पांच हजार रुपये का भुगतान किया गया। एक अफसर ने बताया कि इसमें दो हजार का एक नोट, 20 के नोटों की एक गड्डी और एक हजार रुपये दो रुपये के सिक्कों में बैंककर्मियों ने थमा दिए हैं। अब सिक्के लेकर कहां जाएं, समझ में नहीं आ रहा है।
वहीं, केडीए के अफसर-कर्मचारी कैश के जुगाड़ में घूमते दिखे। केडीए के अफसरों-कर्मचारियों का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में हैं। कैश न पाने के कारण शनिवार को अधिकतर अफसरों-कर्मचारियों को कैश नहीं मिल पाया। इससे पहले सभी पार्ट पेमेंट के रूप में पांच से 10 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।