घाटमपुर सामूहिक दुष्कर्म का मामला
- फोटो : amar ujala
कानपुर के सजेती कांड में दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मी जांच में दोषी पाए गए हैं। निलंबित सिपाही की भूमिका नहीं मिली है। वह वारदात के वक्त वीआईपी ड्यूटी पर था लिहाजा निर्दोष है। एसपी ग्रामीण ने मामले की जांच कर ली है। जल्द डीआईजी को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।
सजेती के एक गांव में आठ मार्च को 13 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी। 10 मार्च की सुबह पीड़िता के पिता की घाटमपुर सीएचसी के सामने ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। डीआईजी ने सजेती हलका इंचार्ज अब्दुल कलाम, घाटमपुर चौकी इंचार्ज राम शिरोमणि और सिपाही आदित्य को निलंबित कर दिया था।
महिला सिपाही शशि को लाइन हाजिर किया था। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। दोनों दरोगा व महिला सिपाही लापरवाही की दोषी पाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक पीड़िता से अभद्र सवाल पूछने की वजह से भी ये दोषी माने गए हैं।
अभी जांच रिपोर्ट मुझे नहीं मिली है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी