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मां की मौजूदगी में खुलेगा डा. वंदना का बंद कमरा, पुलिस को सुसाइड नोट या कोई सुबूत मिलने की उम्मीद

Sat, 28 Sep 2019 07:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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सैफई चिकित्सा विवि में डॉ. वंदना शुक्ला की मौत - फोटो : अमर उजाला
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इटावा स्थित विश्वविद्यालय से पैथालॉजी में एमडी की छात्रा रही डा. वंदना का कमरा उसकी मां की मौजूदगी में पुलिस खोलेगी। पुलिस को कमरे में सुसाइड नोट या कोई साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। वंदना के पिता पत्नी को लेने गाजियाबाद गए हैं। डीएम, एसएसपी को दिए शिकायतीपत्र में विश्वविद्यालय के दो डॉक्टरों पर वंदना को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
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हालांकि उन्होंने अभी तक सैफई थाने में कोई तहरीर नहीं दी है। डा. वंदना शुक्ला का शव 23 सितंबर की रात को सैफई विश्वविद्यालय स्थित आवास पर फंदे पर लटका मिला था। उसने यह फांसी क्यों लगाई? इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं? इसका खुलासा होना बाकी है। पुलिस ने शव की बरामदगी के साथ ही मृतका के मोबाइल व लैपटॉप अपने कब्जे में लिए थे।
 
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मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर कॉल डिटेल तो निकलवा ली गई लेकिन मोबाइल लॉक होने से यह पता नहीं चल पाया है कि व्हाट्सएप और मोबाइल के अंदर क्या क्या मौजूद है? शुक्रवार को मृतका के पिता कृष्ण कुमार शुक्ला व बाबा विद्याधर शुक्ला ने इटावा आकर डीएम व एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिए थे। कॉलेज के दो लोगों पर बेटी का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था।

पुलिस ने न तो अभी रिपोर्ट दर्ज की और दोनों आरोपियों से कोई पूछताछ की है। जिस कमरे में डा. वंदना का शव मिला था, वह कमरा अभी तक सील है। फिलहाल पुलिस के हाथ में ऐसा कुछ नहीं लगा कि, मौत की वजह साफ हो। इस संबंध में मामले की विवेचना कर रहे सीओ क्राइम वैभव पांडेय ने बताया कि आत्महत्या जैसे मामलों में जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज होती है।

बंद कमरा मृतका की मां या किसी महिला परिजन की मौजूदगी में खुलेगा। मृतका के पिता शायद परिवार की महिलाओं को लेने गए हैं। प्रार्थना पत्र में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं। उनसे भी अभी इसीलिए कोई पूछताछ नहीं हुई है कि पुलिस पहले कमरे की तलाशी लेना चाहती है। मुख्य फोकस सोसाइड नोट खोजने पर रहेगा।
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