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Kanpur News: शहर में अवैध ढंग से चल रहे 50 इत्र कारखाने

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कन्नौज। शहर में 50 इत्र कारखाने अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। सरकारी कागजों में इनका पंजीकरण नहीं है। बॉयलर फटने के बाद अब प्रशासन ने अवैध कारखाना संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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जिला उद्योग केंद्र में मौजूदा समय पांच हजार 955 औद्योगिक इकाइयां पंजीकृत हैं। इनमें 250 इत्र कारखाने हैं। हकीकत यह है कि शहर में 300 कारखाने संचालित हैं। 50 अवैध हैं। जिला उद्योग उपायुक्त धनंजय सिंह ने बताया कि 250 इत्र कारखानों का पंजीकरण है। बॉयलर फटने वाले कारखाने का विभाग में पंजीकरण नहीं है। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि अग्निशमन टीम को निर्देश दिए गए हैं कि सभी औद्योगिक कारखानों का निरीक्षण किया जाए। सुरक्षा के उपाय न मिलने पर नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
शहर के इत्र और अगरबत्ती कारखानों व प्रतिष्ठानों में हुईं प्रमुख घटनाएं
-31 दिसंबर 2020, शहर के बड़ा चौराहा स्थित इत्र की गोदाम में लगी भी आग से 10 लाख का नुकसान।
-23 मई 2021, हरदोई रोड पर हाजीगंज निवासी अजीमुल के अगरबत्ती कारखाने में लगी आग।
-26 जुलाई 2021, हरदोई रोड पर हाजीगंज निवासी अजीमुल के अगरबत्ती कारखाने में लगी आग से तीन झुलसकर तीन श्रमिकों की हुई मौत।
-26 नवंबर 2022, शहर के ताजपुर नौकास्त में मोहम्मद हसन के अगरबत्ती कारखाने में लगी आग।
इस तरह तैयार होता है इत्र और सुगंधित तेल
शहर के इत्र कारखानों में बॉयलर डेग में फूल, जड़ी-बूटी, खस की घास व अन्य लकड़ियों को भरकर उबाला जाता है। इसकी भाप और अर्क से इत्र व सुगंधित तेल तैयार किया जाता है। कंपनी मेड बॉयलर डेग की जगह अधिकांश कारखानों में हरियाणा और राजस्थानों के कारीगरों द्वारा बनाए देशी बॉयलर डेग का प्रयोग किया जा रहा है।
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