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कानपुर: किसान की भाले से कुचलकर हत्या, भूमि के विवाद में हुई वारदात

Mon, 05 Oct 2020 12:22 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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किसान की भाले से कूंचकर हत्या - फोटो : अमर उजाला
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बिल्हौर के ददारपुर कटहा गांव में शनिवार की रात खेत पर बने मचान से फसल की रखवाली कर रहे एक किसान की भाले से कूंचकर हत्या कर दी। खेत पर पहुंचे परिजनों ने खून से लथपथ शव देख पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस ने घटनास्थल को क्राइम स्पॉट बनाकर फोरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं, किसान के बड़े पुत्र ने मल्लापुर निवासी एक ग्रामीण के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।

वहीं, पुलिस ने पूरा मामला भूमि विवाद का बताया। आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। इंसपेक्टर पीएन बाजपेई ने बताया कि क्षेत्र के ददारपुर कटहा गांव निवासी रामप्रसाद (60) पुत्र गोधान दिवाकर अपने खेत के बने मचान से फसल की रखवाली कर रहा था।
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रविवार की सुबह रामप्रसाद का शव पड़े होने की सूचना मिली। रामप्रसाद के बड़े बेटे विक्रम ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या मल्लापुर निवासी महेंद्र कटियार ने की है। विक्रम ने बताया कि महेंद्र से पिता रामप्रसाद का भूमि विवाद था। इसी खुन्नस में महेंद्र अक्सर उसके पिता को देख लेने की धमकी दिया करता था।

फोरेंसिक टीम ने भी मौके से कई साक्ष्य जुटाए हैं। हत्याकांड की सूचना के बाद इंस्पेक्टर समेत फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी, साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, किसान के पुत्र की तहरीर पर मल्लापुर गांव निवासी महेंद्र कटियार पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी के घर पुलिस ने जब दबिश दी तो वह घर से जा चुका था। पूरा मामला भूमि विवाद का बताया गया है। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण

फावड़े का डंडा छोड़ गए
हत्यारे द्वारा मचान पर रखे फावड़े और भाले से हमला करने के निशान शव पर पाए गए हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम की जांच में घटनास्थल से फावड़ा का लकड़ी का डंडा (बेंट) तो मिल गया, लेकिन लोहे का हिस्सा नहीं मिला है। आशंका है कि सोते समय ही हत्यारे ने रामप्रसाद पर धारदार कृषि उपकरण और भाले से हमला किया।

ऊबड़-खाबड़ भूमि को बनाया था खेती लायक
पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने बताया कि रामप्रसाद ने करीब 30 साल पहले गांव के ही गुलजारी लाल को पट्टा हुई ऊबड़-खाबड़ भूमि खरीदी थी। करीब चार बीघा भूमि पर उन्होंने कड़ी मेहनत लगन से समतल कर उसे उपजाऊ बनाया। कड़ी मेहनत से ही रामप्रसाद ने अपनी चारों पुत्रों का विवाह किया और बड़े पुत्र विक्रम को ट्रैक्टर खरीदा। 
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पत्नी और बेटे बेहाल
रविवार की सुबह एकाएक पति रामप्रसाद की मौत हो जाने से उसकी पत्नी कमला देवी बदहवास हो गई। घटनास्थल पर पहुंची कमला पुलिस अफसरों-सिपाहियों से लिपट-लिपटकर सिर्फ यही कह रही थी कि वे तो चलै गए अब साहब आप ही लाज रख्खेव, जौन हमाए आदमी मरवाय सकत है वह लरकनश के साथ कुछौ कर सकत है। वहीं रामप्रसाद के बेटे विक्रम, मलखान, सुल्तान और शीपू भी घटना के बाद से सकते में हैं।

कटहा के प्रधान के पिता की भी हो चुकी है हत्या
कोतवाली क्षेत्र के ददारपुर कटहा गांव में ग्राम प्रधान बालकिशन के पिता 60 वर्षीय पिता ननकऊ दिवाकर की दिसंबर 2016 में घर के बाहर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब गांव के एक मार्ग पर आवागमन के रास्ते का विवाद चल रहा था।

पंचायत चुनाव में वर्चस्व को लेकर कई धड़ों में बंटे गांव के लोग एक-दूसरे को नीचा दिखाने के लिए झगड़े का रास्ता अपना लेते हैं। कई बार राजस्व अधिकारियों, लेखपालों द्वारा पक्षपात किए जाने से गांव में विवाद की स्थिति पैदा हो चुकी है।
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