यहां वित्तीय वर्ष 2020-21 में 6.82 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2019-20 में नौ करोड़ का निर्यात हुआ था। युद्ध के इन 11 महीनों में करीब 100 करोड़ का व्यापार प्रभावित होने से उद्यमियों में निराशा है। उनका कहना है कि अगर लड़ाई और लंबी चली तो सभी एशियाई और यूरोपीय देशों का व्यापार प्रभावित होगा।
मीट उद्योग को भी झटका
जिले में संचालित सात स्लाटर हाउस पैकेट बंद मांस का निर्यात करते हैं। इनमें रूस भी शामिल है। बड़े मीट निर्यातक इकाईयों में शामिल इंडाग्रो फूड्स के मैनेजर नीरज कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-2020 में रूस को 80 करोड़ का निर्यात हुआ था। जबकि 2020-21 में कोरोना के चलते व्यापार प्रभावित होने से यह घटकर पचास करोड़ रह गया। पिछले 11 महीने में दस करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।
जितनी लंबी जंग, उतना ज्यादा नुकसान- ताज आलम
उत्तर प्रदेश चमड़ा उद्योग संघ उन्नाव चैप्टर के अध्यक्ष मो. ताज आलम ने बताया कि कोरोना की मार से चरमराया चमड़ा उद्योग को उबारने की कोशिश कर ही रहे थे तभी यह जंग छिड़ गई। उन्होंने बताया कि जंग जितनी लंबी चलेगी चर्म निर्यात उतना ज्यादा प्रभावित होगा। बताया कि इसके कारण यूरोपीय देशों के निर्यात पर असर पड़ा है।