सपाइयों ने चकेरी थाने में किया हंगामा
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कानपुर के लाल बंगला में कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के कार्यालय के बाहर हुए हंगामे में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद पांचों को जेल भेज दिया। वहीं गिरफ्तारी के विरोध में 25-30 सपाइयों ने चकेरी थाने पहुंचकर हंगामा किया।
आरोप लगाया कि मंत्री के दबाव के चलते कार्रवाई की जा रही है, जबकि विवाद और गालीगलौज दोनों ओर से हुई। उनके पास भी इसके सुबूत हैं। बता दें एक दिन पहले हुए हंगामे में पुलिस ने सरदार फतेह बहादुर सिंह गिल और अजीत यादव को नामजद करते हुए 300 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की है।
मामले में रविवार को थाने पहुंचे सपा ग्रामीण के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह यादव, पार्षद अर्पित यादव, गोल्डी यादव, पार्षद पति मनोज यादव ने इंस्पेक्टर और एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक से कहा कि पकड़े गए लोग अपराधी नहीं हैं। मंत्री के पास बात रखने आए थे।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का गेट बंद कर गाली बकनी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से विवाद हुआ। तोड़फोड़ का भी आरोप गलत है। एसीपी कैंट ने उच्च अफसरों से बात करने की बात कही। हालांकि कोई हल नहीं निकला और अंत में टिकरा पैगंबरपुर निवासी घनश्याम सिंह (36), चकेरी के काजीखेड़ा निवासी शिवांश राजपूत (24), कृष्णापुरम निवासी गोपाल तिवारी (25), सदानंद नगर निवासी आशीष भदौरिया (21), धीरेंद्र चौहान (35) को जेल भेज दिया गया। वहीं मुख्य आरोपी फतेह बहादुर सिंह गिल के फरार होने से कार्यकर्ताओं में मायूसी है। उनका कहना है कि साथ में रहकर उन्हें भी गिरफ्तारी देनी चाहिए।