फतेहपुर जिले के जिंदपुर टोल प्लाजा पर शनिवार दोपहर एक कार सवार से टोल मांगना कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। कार सवार के कई साथी मौके पर पहुंच गए और कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं जब कर्मचारी अपनी जान बचाकर कमरों में छिपे तो उन्हें वहां से भी निकालकर पीटा गया।
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सूचना पर सीओ जाफरगंज और ललौली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच की। भुक्तभोगी कर्मचारियों ने लूट का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने मैनेजर की तहरीर पर पांच नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
ललौली थानाक्षेत्र के जिंदपुर टोल प्लाजा पर दोपहर करीब एक बजे कार से आशीष सिंह उर्फ चंदन निवासी सुल्तानपुर थाना गाजीपुर अपने कुछ साथियों के साथ टोल पर पहुंचा। यहां पर कर्मचारी ने उससे टोल मांगा तो किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा शुरू हो गया।
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कुछ ही देर में दसवामील व सुल्तानपुर गांव से करीब दो दर्जन लोग गाड़ी से टोल पर पहुंचे और कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया। मारपीट, हंगामा देख कर्मचारी दहशत में आ गए और टोल ऑफिस व आवासों में जाकर छिप गए।
मारपीट कर रहे लोगों ने दरवाजों के कुंडे तोड़कर कर्मचारियों को बाहर निकाला और उन्हें फिर पीटा। आईटी रूम की प्लाई तोड़ दी। खबर मिलने पर ललौली पुलिस मौके पर पहुंची तो हमलावरों ने पुलिस के सामने भी मारपीट की। जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
बवाल करने वालों ने करीब एक घंटे तक टोल को अपने कब्जे में रखा और गाड़ियां को निशुल्क निकालने का काम किया। मारपीट में टोल प्लाजा मैनेजर रोहित गुप्ता, कर्मचारी सुनील सिंह भदौरिया, दीपक कुमार घायल हो गए।
कार सवार चंदन सिंह, अनुज विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, राधे गुप्ता, मोनू दसवामील व इनके दो दर्जन साथियों पर मारपीट, गाली-गलौज, मोबाइल व मैनेजर की सोने की चेन लूटने का आरोप लगाया गया है।
कार्यवाहक एसओ ललौली सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मैनेजर रोहित गुप्ता की ओर से चंदन सिंह उर्फ आशीष, राधे गुप्ता, अनुज, सूरज विश्वकर्मा मोनू व 20-25 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों खिलाफ बलवा, मारपीट, धमकी, गाली गलौज, कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस दौरान मैनेजर की सोने की चेन भी गिरी है।
सीओ जाफरगंज पहुंचे और देखे फुटेज
टोल प्लाजा पर बवाल की खबर पर सीओ जाफरगंज डीसी मिश्रा मौके पर पहुंचे और कंट्रोल रूम में जाकर सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इसके बाद उन्होंने आवासों में हुई तोड़फोड़ का भी निरीक्षण किया। घटनाक्रम में दूसरे पक्ष की ओर से टोल कर्मचारियों पर गाली-गलौज मारपीट व महिलाओं के साथ अभद्रता व उनके जेवर छीनने का आरोप लगाया गया है।