कानपुर देहात। प्रधान पद के उम्मीदवारों की मौत के बाद नौ मई को हुए पंचायत चुनाव की मंगलवार को मतगणना हुई। इसमें रसूलाबाद के असालतगंज में रूबी गौतम व डेरापुर शाही गांव में अमित प्रधान पद पर विजयी हुए। एसडीएम ने नवनिर्वाचित प्रधानों को प्रमाण पत्र दिया।
रसूलाबाद के असालतगंज में मतदान के एक दिन पहले प्रधान पद के प्रत्याशी राजरानी की मौत हो गई थी। जबकि डेरापुर के शाही गांव के प्रत्याशी महेंद्र की अचानक तबियत बिगडने के बाद मौत हो जाने से दोनों जगह का चुनाव निरस्त कर दिया गया था। नौ मई को दोनों ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए चुनाव कराया गया। मंगलवार को मतों की गिनती कराई गई।
इसमें रूबी गौतम ने 28 प्रत्याशियों को पीछे छोड़ते हुए मतगणना के दौरान सबसे ज्यादा 702 वोट पाकर जीत हासिल की। हालांकि दूसरे नंबर पर रहीं रंजीता देवी को 651 वोट मिले। वहीं शाही प्रधान पद की मतगणना के बाद अमित कुमार को विजयी घोषित किया गया। अमित कुमार ने सबसे ज्यादा 379 मत हासिल किए।
यहां नौ दावेदारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। मतगणना के दौरान दूसरे नंबर पर रहे बलवीर को 207 मत मिले। असालतगंज के प्रधान को एसडीएम अंजू वर्मा व शाही प्रधान को आरओ संजय ने प्रमाण पत्र दिया।
मतगणना के दौरान कोविड नियमों की अनदेखी
रसूलाबाद। ब्लॉक परिसर में असालतगंज प्रधान पद के लिए सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई। इस दौरान प्रत्याशी सहित कर्मचारियों ने जमकर कोविड नियमों की अनदेखी की। हालांकि एसडीएम अंजू वर्मा, सीओ परशुराम के निरीक्षण के दौरान लोग दूर-दूर हो गए। इस ग्राम पंचायत में 24 मजरें हैं। प्रधान पद के लिए 29 प्रत्याशियों ने दावेदारी प्रस्तुत की थी। मतगणना के दौरान ब्लॉक परिसर में पुलिस तैनात रही।
चपरघटा में रीमा बनी प्रधान
पुखरायां। विकासखंड अमरौधा की ग्राम पंचायत चपरघटा के प्रधान पद के लिए हुए उपचुनाव के लिए 9 मई को मतदान हुआ था। मंगलवार को विकास खंड अमरौधा कार्यालय में मतगणना की गई। जिसमें रीमा निषाद ने 105 वोटों से जीत दर्ज कराई।
अमरौधा के ग्राम पंचायत चपरघटा में पंचायत चुनाव के दौरान प्रत्याशी रहे निवर्तमान प्रधान जगदीश निषाद की मौत हो जाने के बाद 9 मई को उपचुनाव कराया गया। मंगलवार को विकासखंड अमरौधा के कार्यालय में उपचुनाव की मतगणना कराई गई। जिसमें निवर्तमान प्रधान जगदीश निषाद की पुत्री रीमा निषाद ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 105 वोटों से हराकर प्रधान पद पर अपना कब्जा कर लिया।
पिता का सपना साकार करने को बेटी बनी प्रधान
पुखरायां। अमरौधा की ग्राम पंचायत से नवनिर्वाचित प्रधान रीमा निषाद (22) सबसे कम उम्र की प्रधान है। वह वर्तमान में कानपुर के एक निजी कॉलेज से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। पिता जगदीश निषाद की मौत के बाद उपचुनाव में पिता के सपने को साकार करने के लिए चुनाव लड़ा। जिसमें रीमा निषाद ने 105 वोटों से जीत हासिल की है। रीमा निषाद ने बताया कि चपरघटा को आदर्श ग्राम पंचायत बनाकर वह पिता का सपना पूरा करेगी। गांव का विकास कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी।