कानपुर देहात। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चार चरणों में चली प्रक्रिया में 654 गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिलेगा। चारों चरणों में 1080 बच्चों ने आवेदन किया था। जांच के बाद 795 को स्वीकृति मिली थी। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से नियमानुसार लॉटरी से चयन कर 654 को स्कूल आवंटित किए गए हैं।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इस बार जिले में 2468 बच्चों को आरटीई के तहत दाखिला कराने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए चार चरणों में आवेदन लिए गए। विभाग को प्राप्त ऑनलाइन आवेदन के बाद पात्रता के आधार पर सीटें आवंटित की है। अब जिन बच्चों को चयनित विद्यालयों में प्रवेश के लिए सीटें आवंटित की गईं हैं। वह एक अप्रैल नए सत्र से दाखिला लेकर पढ़ाई करेंगे।
....................
चरण आवेदन, स्वीकृत, आवंटन
प्रथम चरण- 402 275 200
दूसरा चरण- 311 250 196
तीसरा चरण- 214 160 150
चौथा तरण- 153 110 108
...................
वर्जन....
आरटीई के तहत चार चरणाें में आवेदन लिए गए। पात्रता के आधार पर 795 की स्वीकृत हुई थी। इनमें 654 को स्कूल आवंटित किए गए हैं। जिन्हें स्वीकृति मिली और विद्यालय आवंटित नहीं हुआ, इसके पीछे आवेदनकर्ता द्वारा भरे स्कूल के विकल्प में सीटे खाली न होना है। फिर भी उनसे विकल्प लिए जाएंगे। -अश्वनी आनंद, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा
.....................
पोर्टल पर कई विद्यालयों में नहीं दिखा प्री-प्राईमरी का विकल्प
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत होने वाले प्रवेश में बेसिक शिक्षा विभाग के आगे स्कूलों की मनमानी ज्यादा हावी दिखी है। कई स्कूलों के पोर्टल पर प्री-प्राईमरी का विकल्प नहीं दिखा तो कई ने प्रवेश से बचने के लिए पंजीकरण भी नहीं कराया था। वहीं कई विद्यालयों ने पंजीकरण भी कम दिखाया। इनके अलावा अभिभावकों को वह विद्यालय विकल्प में दिए गए जो घर से काफी दूर थे। इन स्थितियों में प्रवेश प्रक्रिया में दिक्कतें हुईं। जिम्मेदार भी इन सब बातों से अनजान रहे।