राष्ट्र रक्षा संगम कार्यक्रम में सरसंघ चालक मोहन भागवत रविवार को तुरही और घोष की ध्वनि के बीच प्रवेश करेंगे। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पिछले करीब 15 दिन से तैयारियां की जा रही हैं।
निराला नगर मैदान पर तोरणद्वार बनाए गए हैं। पूरे मैदान को भगवाध्वज से सजाया गया है। संघ के पूर्वी प्रांत के इस कार्यक्रम में देवरिया, जालौन, गोरखपुर, बलिया, बिहार प्रांत के कई जनपदों से कई हजार स्वयं सेवक शामिल होने आए हैं।
शहर के कई स्थानों पर गणवेश का वितरण किया गया। स्वयं सेवक सरसंघचालक के संबोधन से पहले ध्वज प्रणाम करेंगे। संघ के बैंड घोष का प्रदर्शन घोष प्रमुख के निर्देशन में होगा।
प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के अलावा संघ के स्वयं सेवकों की अपनी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। इसके लिए रक्षा विभाग बनाया गया है। कार्यक्रम में भागवत का संबोधन दोपहर दो बजे से होगा।
कार्यक्रम में बैठने के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। जिसमें संघ के पदाधिकारी और स्वयं सेवक अलग, भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। सभी को पूर्ण गणवेश में रहने की हिदायत दी गई है।
उलमा ने भागवत से मिलने का मांगा वक्त
सुन्नी उलमा कौंसिल के अध्यक्ष हाजी मुहम्मद सलीस ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक गजेंद्र सिंह को पत्र देकर संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने का समय मांगा है।
पत्र में सलीस ने कहा कि शहरकाजी मौलाना आलम रजा खां नूरी के साथ उलमा का एक प्रतिनिधिमंडल संघ प्रमुख से उलमा मिलकर मुसलमानों के बारे में फैली तमाम भ्रांतियों पर चर्चा करना चाहता है साथ ही इस बारे में उनकी राय भी ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि संघ राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने की बात करता है। एक तो संविधान के मुताबिक मुख्यधारा है तो दूसरी संघ की परिभाषित मुख्यधारा है। इस सिलसिले में ही विचार-विमर्श करना चाहते हैं।