हज यात्रा वर्ष 2018 और 19 पर गए हज यात्रियों को 4906 रुपये और 55 पैसे लौटाए जाएंगे। सऊदी मुद्रा में यह धनराशि ढाई सौ रियाल होती है। हुआ यह था कि सऊदी सरकार ने हज यात्रियों से ट्रेन और बस दोनों का किराया जमा करा लिया था जबकि यात्री कोई एक साधन इस्तेमाल करता है।
बाद में केंद्र सरकार स्तर से बात किए जाने पर सऊदी के हज जिम्मेदारों ने गलती मानी। यह भी कहा कि आगे ट्रेन और बस में से एक ही किराया लिया जाएगा। जिनसे पैसे ले लिए गए उन्हें ढाई सौ रियाल लौटाए जाएंगे।
तंजीम हज खुद्दाम कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी नईमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि डबल किराए के संबंध में उन्होंने ई-मेल भेजकर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को अवगत कराया था।
इस पर केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय हज कमेटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मकसूद खान ने सऊदी सरकार के हज मंत्री से बात की। 20 सितंबर के एक्सचेंज रेट के हिसाब से ढाई सौ रियाल वापस करने के लिए कहा गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में देश के हज यात्रियों से ढाई सौ रियाल ट्रेन और 180 रियाल बस किराए के रूप में लिए गए। सऊदी ट्रेन का किराया लौटाने के लिए राजी हुआ है। हज यात्रियों के खाते में यह धनराशि एक माह के अंदर पहुंच जाएगी।