इटावा। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को ताजा फलों की जगह सड़े-गले फल वितरित किए जा रहे हैं। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। वहीं, सीएमएस ने नोडल अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। पुष्टि होने पर संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों को दिए जाने वाले सड़े गले फलों को रैपर कर थमाए जा रहे हैं। हालांकि जो मरीज इन फलों का सेवन कर रहे हैं उनको यह नहीं जानकारी है कि जिस फल को खाने से वह स्वस्थ होने की बात समझ रहे हैं। आखिर में वह सड़े गले फल हैं। सीएमएस डॉ. एमएम आर्या ने बताया है कि मामला संज्ञान में आया है।
नोडल अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिन फलों को सड़ा गला बताया जा रहा है उनमें दाग लगे होने की बात सामने आ रही है, क्योंकि फलों की पेटियों में दाग लगे हुए फल आ जाते हैं। उनको हटाकर उनको वितरित कर दिया जाता है लेकिन आगे से ऐसे फल वितरित नहीं किए जाएंगे। जांच-पड़ताल में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके बाद संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले फलों के वितरण के लिए एक फर्म को मार्च 2024 को टेंडर हुआ था, जोकि मार्च 2025 तक मरीजों के प्रत्येक दिन दिए जाने का था। अस्पताल के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते ठेकदार मनमाने तरीके से सड़े गले फलों को कांट छांटकर उनको रैपर कर वितरित कर रहे हैं, जबकि मरीजों को ताजा व साबूत फल बांटने का नियम है।