रेंजर नावेद इकराम ने बताया 16 अक्तूबर 2023 को मानू नाम की गैंडा ने उसे जन्म दिया था। जन्म के महज 12 दिन बाद ही मानू की मौत हो गई। ऐसे में कीपर रोहन और संतोष ने उसकी परवरिश की जिम्मेदारी उठाई। सुबह सात बजे से दो बजे तक संतोष ड्यूटी देते हैं।
ढाई क्विंटल की हो गई है गौरी
वहीं, दोपहर से रात नौ बजे तक रोहन पर गौरी की जिम्मेदारी रहती है। जन्म के समय महज 68 किलो की गौरी अब ढाई क्विंटल की हो गई है। दिन में नौ बार उसे दूध दिया जाता है। विशेष बोतल से एक बार में वह डेढ़ लीटर तक दूध पी जाती है।
डॉ. शमशुल करते हैं मेडिकल चेकअप
असोम से डॉ. शमशुल वीडियो कॉल पर उसका मेडिकल चेकअप करते रहते हैं। डाइट चार्ट में कब बदलाव करना है, इसे वह ही निर्धारित करते हैं। कोई दिक्कत होने पर उसे क्या दवाएं देनी हैं। इसका भी निर्देश वही देते हैं।
इस प्यार की हर कोई मिसाल देता है
डॉ. अनुराग की टीम भी उसपर नजर रखती है। गौरी दूध के साथ-साथ अब बाड़े में उगी घास खाने लगी है। रेंजर के मुताबिक उसकी ग्रोथ काफी अच्छी है। बुधवार को केक काटकर उसका जन्मदिन मनाया जाएगा। चिड़ियाघर में दोनों के बीच प्यार की हर कोई मिसाल देता है।