यूपी के उरई जिले में बदमाशों की दहशत का एक और नमूना देखने को मिला। आटा थाना क्षेत्र के ग्राम परासन निवासी राजू साहू पुत्र मइयादीन शुक्रवार रात अपने खेत पर फसल की रखवाली करने गया था। घर पर उसकी पत्नी किरन व मासूम बच्चे थे। तभी देर रात बदमाश पीछे की दीवार के सहारे छत से रास्ते घर में घुस आए। बदमाश एक कमरे की कुंडी खोल रहे थे कि तभी दूसरे कमरे में सो रही किरन की आहट पाकर आंख खुल गई। वह बाहर आई तो आंगन में कुछ नकाबपोश बदमाशों को देखकर उसने चिल्लाने का प्रयास किया।
इस पर बदमाशों ने लपक कर उसे पकड़ लिया और मुंह बंद कर वापस कमरे में ले गए। उसे खाट पर लिटाकर रजाई से ढक दिया और सीने में तमंचा अड़ा दिया। बदमाशों ने शोर मचाने पर उसे गोली मार देने की धमकी दी। इसके बाद बदमाशों ने एक कमरे में जाकर अटैची व अलमारी के लॉक तोड़ दिए और उसमें रखे जेवरात व नगदी लेकर भाग निकले। बदमाशों के जाते ही किरन ने अपने पति को फोन कर डकैती की सूचना दी।
यहां से पहले बदमाश गांव के ही श्यामबाबू पुत्र शंभू दयाल के घर हाथ साफ कर आए थे। श्यामबाबू ने गांव में भंडारे का आयोजन किया था, जिसका सामान वह सुरक्षित रखवा रहे थे। इसी बीच बदमाशों ने उनके घर में घुसकर सोने चांदी के जेवरात व नगदी पर हाथ साफ कर दिया। तब घर में श्यामबाबू की पत्नी व बेटे घर में ही सो रहे थे। कार्यक्रम पूरा होने पर घर लौटे श्यामबाबू ने आंगन में सामान बिखरा पड़ा देखा उन्होंने परिजनों को उठाकर जानकारी ली तो उन्हें कुछ भी पता नहीं था। तब तक खेत से घर पहुंचे राजू घर में डकैती की बात चिल्लाते हुए बाहर आया। शोरगुल सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
श्यामबाबू ने भी अपने घर में चोरी होने की बात बताई। राजू के घर से बदमाश 24 हजार रुपये नगद, सोने की जंजीर, मंगलसूत्र, एक अंगूठी, पायल व झुमकी ले गए तो श्यामबाबू के घर से 35 हजार रुपये नगद, एक नाक की बेसर, दो जोड़ी पायल, एक जोड़ी झुमकी ले गए। किरन ने बदमाशों की संख्या 6 बताई, जोकि मुंह में कपड़ा बांधे हुए थे। ग्रामीणों की सूचना पर सुबह गांव पहुंची पुलिस ने दोनों घरों का मुआयना कर जांच पड़ताल की। पीड़ितों ने थाने में घर में हुई डकैती की हरीर दी है।
आटा थानाध्यक्ष आनंद कुमार ने कहा कि डकैती नहीं हुई बल्कि मामला चोरी का है। उनका कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि महिला को तमंचा लगाया गया या फिर बदमाशों की संख्या कितनी थी। जबकि तहरीर राजू साहू की पत्नी किरन ने साफ तौर पर बदमाशों की संख्या छह बताई है और तमंचा लगाकर उसे शांत रहने की धमकी देना भी लिखा है। फिर भी पुलिस इसे चोरी ही दर्शा रही है। थानाध्यक्ष जांच के बाद चोरी की रिपोर्ट दर्ज किए जाने की बात कह रहे हैं।