फर्रुखाबाद जिले में नकाबपोश बदमाशों ने व्यापारी को बंधक बनाकर घर में डाका डाला। चाभी न देने पर व्यापारी की पत्नी को लहूलुहान कर दिया। बदमाशों ने उनके जेवर उतार लिए और बक्से से नगदी व अन्य सामान निकालकर फरार हो गए।
सूचना पर पुलिस ने घायल महिला का सीएचसी में इलाज कराया। थाना पुलिस घटना को चोरी का प्रयास बताकर दबाने में जुटी है। परिजन अभी यह स्पष्ट नहीं कर सके हैं कि कितनी नगदी व जेवरात गए हैं। शमसाबाद कस्बे के मोहल्ला रामलीला मैदान के पास निवासी उदयभान मिश्रा भवन निर्माण सामग्री बेचते हैं।
दुकान के ऊपर ही उनका घर है। शुक्रवार रात उदयभान दुकान में सो रहे थे। उनकी पत्नी ओमवती ऊपर के कमरे में व दूसरे कमरे में मूकबधिर पुत्र पंकज व बहू नेहा सो रहे थे। पंकज का 27 नवंबर को विवाह हुआ था। देर रात छह नकाबपोश बदमाश घर में घुस गए।
दो बदमाशों ने उदयभान को बंधक बना लिया। चार बदमाश जीने की कुंडी तोड़कर ऊपर मकान में पहुंच गए। दो बदमाशों ने पंकज व नेहा को बंधक बना लिया। बाकी दो बदमाश ओमवती के कमरे में पहुंचे। उन्होंने तमंचे के बल पर उससे अलमारी की चाभी मांगी।
उसने मना कर दिया। इस पर बदमाशों ने ओमवती को डंडों से पीटकर लहूलुहान कर दिया। इसका बाद सोने का मंगलसूत्र व कुंडल उतार लिए। ओमवती की चीख सुनकर नीचे से उदयभान ने भी शोर मचाया। इस पर बदमाश घर में रखा बक्सा उठाकर जीने के रास्ते से ही भाग गए।
गृहस्वामी उदयभान मिश्रा ने रात में ही एसपी अशोक कुमार मीणा को घटना की जानकारी दी। एसपी के आदेश पर कुछ ही देर में एसओ व सीओ कायमगंज मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से घटनाक्रम की जानकारी की और आसपास के इलाके में फोर्स भेजकर बदमाशों की तलाश की।
घायल ओमवती का सीएचसी में इलाज कराया गया। खाली बक्सा घर से कुछ दूर पर पड़ा मिला। उससे नगदी, जेवरात व कपड़े गायब थे। एसओ आरके रावत ने बताया कि चोर आए थे। आठ दस साड़ी ले गए हैं। महिला के चाभी न देने पर उससे मारपीट की थी।
सीओ कायमगंज राजवीर सिंह ने बताया कि आधा दर्जन चोर घर में घुसे थे। परिजनों के जाग जाने वह बक्सा लेकर भाग गए। महिला के साथ डंडे से मारपीट की थी। तहरीर मिली है जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
बाबरिया व छैमार गिरोह के होने की आशंका
सर्दी के मौसम में नकाब लगाकर ऐसी घटनाओं को बाबरिया व छैमार गिरोह के सदस्य अंजाम देते हैं। इन गिरोह के सदस्य विरोध करने पर डंडों से सिर, नाक व मुंह पर प्रहार कर लोगों को घायल करते हैं। ओमवती के सिर पर ही प्रहार हुआ है। ऐसे में इनमें से किसी गिरोह के घटना में शामिल होने की पूरी आशंका है।
एडीजी जोन ने बैठक कर थानेदारों को था चेताया
नवंबर में आए एडीजी जोन जय नारायण सिंह ने सभी थानेदारों के साथ बैठक कर कन्नौज में हुई घटना का जिक्र कर बाबरिया व छैमार गिरोह से सावधान रहने के लिए जागरूक किया था। उन्होंने आदेेश दिया था कि रात को गश्त तेज कर दें, तभी ऐसी घटनाओं पर अंकुुश लगाया जा सकेगा।
इसके बावजूद भी थानेदार सक्रिय नहीं हुए और घटना हो गई। इसके बाद थाना शमसाबाद पुलिस पूरे मामले को दबाने में अपनी ऊर्जा खर्च करने में जुट गई। वह डकैती की घटना को चोरी का प्रयास बताने में जुट गई। पुलिस के दबाव में परिजन भी यह स्पष्ट नहीं बता सके की बक्से से कितनी नगदी व जेवरात गए हैं।