इटावा/निवाड़ीकला। कई वर्षों से जर्जर महेवा-अछल्दा मार्ग जनवरी में बनकर तैयार हुआ था। इसके बनने से करीब 100 गांवों के लोगों को राहत मिली थी। सड़क को बने अभी एक साल भी नहीं पूरा हुआ है और सड़क पर गड्डाें के साथ ही दरारें आनी शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों ने निर्माण के मानकों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क का निर्माण कराया गया था। 10 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में 15,04,89000 रुपये की लागत आई थी। नौ माह बाद ही सड़क में दरारें आनी शुरू हो गई है। विभाग की ओर से एफडीआर तकनीकी से बनी इस सड़क के काफी मजबूत और टिकाऊ होने के दावे किए गए थे। सड़क के दोनों ओर कस्बों में नाली का निर्माण भी अधूरा है। स्थानीय लोगों ने कई बार इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। अब सड़क पर निवाड़ीखुर्द व अहेरीपुर के मध्य आठ से 10 फीट लंबी दरार आ गई है। सड़क के किनारे कुछ गड्ढे हो गए हैं। आरईएस के एक्सईएन संजीव धाकड़ ने बताया कि सड़क पर दरार आने की जानकारी नहीं है। कल ही टीम को भेजकर जांच करवाई जाएगी और उसे सही करवाया जाएगा।