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Kanpur News: खाद के साथ नकली बीज भी बाजार में खपाने की थी तैयारी

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इटावा। आलू और गेहूं की बुआई के बीच इस समय खाद की किल्लत है। ऐसे में जिले में नकली खाद का कारोबार पकड़ा गया है। छापेमारी के दौरान गोदाम से बरामद खाली बोरियों में से कुछ पर गेहूं की बीज के भी स्टीकर छपे मिले हैं। माना जा रहा है कि उक्त गोदाम से खाद के साथ ही गेहूं के नकली बीज पहुंचाने की तैयारी थी। पुलिस-प्रशासन और कृषि विभाग नकली खाद और बीज के कारोबार से जुड़े अन्य नेटवर्क भी तलाश करने में जुटे हैं।
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फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में नकली खाद के कारोबार की सूचना पर पर एसडीएम सदर विक्रम राघव ने डीडी कृषि आरएन सिंह, जिला कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार, नायब तहसीलदार शिखर मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने मोहल्ला श्यामनगर में छापेमारी की थी। टीम ने मौके से एक आरोपी वीरेंद्र निवासी सैफई को गिरफ्तार कर लिया। गोदाम से 102 बोरियों में अलग-अलग पदार्थ बरामद किए थे। करीब 104 खाली बोरियां की थीं। करीब 14 बोरियों पर मध्य प्रदेश स्टेट सिविल कॉरपोरेशन लिमिटेड, धरकी कुबेर की 47 बोरी थी। कुछ बोरियों पर बीज के स्टीकर भी लगे मिले थे। इन बोरियों के मिलने के बाद अब नकली गेहूं के बीज को बाजार में उतारने की आशंका जताई जा रही है। आरोपी को हिरासत में लेकर फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस पूछताछ कर रही है। नेटवर्क के पीछे कई लोगों का हाथ होने की बात कही जा रही है।

बीज वाली बोरी पर मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइस कॉरपोरेशन लिखा है। स्वच्छ भारत का लोगो लगा होने के साथ ही भारत सरकार के सौजन्य से लिखा गया है। मैन्युफ्रैक्चरर में समर्थ फेबलोन प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता का जिक्र किया गया है। बोरी को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे किसी कंपनी की बोरियां सरकार के सहयोग से ही बांटी जा रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि इससे जुड़ी खाद और बीज की खपत जिले में नहीं होने की बात सामने नहीं आई है। हालांकि सूत्रों की मानें तो बड़ी मात्रा में खाद यहां खपाई गई है।
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बोरियों पर तीन अलग-अलग लोगो मिले हैं। इनमें से एक कंपनी कोलकाता, दूसरी प्रोम कंपनी मुज्जफरनगर की बताई जा रही है। तीसरा मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइस कॉरपोरेशन का नाम लिखकर बड़ा किया जा रहा था। अब पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी इन कंपनियों से संपर्क करके सही स्थिति का पता लगा रहे हैं। यह भी पता किया जा रहा है कि बोरी पर लगाए जाने वाले स्टीकर कहां से बनवाए गए हैं।

एसडीएम विक्रम राघव ने बताया कि जांच की जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह काम वह जुलाई से कर रहा था। कहां-कहां इसने कितनी खाद और बीज खपाया है इस बारे में जानकारी की जा रही है। आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें कई अन्य लोग भी शामिल होने की आशंका है इसकी भी जांच की जा रही है।
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