झींझक (कानपुर देहात)। मंगलपुर-रसूलाबाद मार्ग पर 32 करोड़ की लागत से बनी सड़क के गड्ढे भरे जाने लगे हैं। विदेशी तकनीक से बनी यह सड़क 15 महीने में ही बदहाल हो गई है। इससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलपुर-रसूलाबाद में ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली की कावा इंफ्राटेक कंपनी को सड़क बनाने की जिम्मेदारी दी थी। प्रदेश की यह पहली ऐसी सड़क थी जो विदेशी तकनीक से बनाई गई थी। निर्माण कार्य विदेश के इंजीनियरों ने अपनी देखरेख में कराया था। सड़क का निर्माण अक्टूबर 2016 में शुरू हुआ था। यह काम मई 2018 में पूरा हो सका था। निर्माण कार्य में 32 लाख रुपये का खर्च आया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कंपनी के अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए थे। इसके बाद भी यह सड़क 15 महीने भी नहीं चल सकी। 20 किलोमीटर लंबी सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं। गड्ढे सड़क पर चलने वाले लोगों के लिए मुसीबत बने हैं। लोगों की इस समस्या को अमर उजाला ने नौ सितंबर के अंक में प्रकाशित किया था। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों की नींद खुली। सोमवार सुबह से ही उनके कर्मचारी सड़क पर गड्ढे भरते दिखाई दिए। राजपुर के गुड्डू सिंह राजपूत, मंगलपुर के वरुण चौबे, झींझक के मानिक चंद्र, किशौरा के प्रवीण पाल ने मरम्मत का काम शुरू होने पर खुशी जाहिए की है।
इधर, कावा इंफ्राटेक के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर आरपी सिंह ने बताया कि ओवरलोड वाहनों के निकलने के कारण सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया गया है। मरम्मत का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा।