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यूपी में अब वकील V/S आईएएस: 'वीडियो रिकॉर्डिंग है, साबित करें...', बार एसोसिएशन के आरोपों पर रिंकू सिंह राही

Tue, 04 Aug 2026 01:22 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, जालौन

सार

जिला बार एसोसिएशन जालौन के आरोपों पर आईएएस रिंकू सिंह राही ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि वीडियो रिकॉर्डिंग है, साबित करिए। आईएएस पर एक पक्षीय कार्रवाई के आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था। 
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आईएस रिंकू सिंह का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जिला बार एसोसिएशन जालौन की ओर से लगाए गए आरोपों पर एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया के माध्यम से विस्तृत जवाब दिया है। उन्होंने फेसबुक के एसडीएफ ज्यूडिशियल ऑफिशियल पेज पर लिखा है कि वर्तमान में न्यायालय की कार्यवाही ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। 
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ऐसे में यदि किसी को न्यायालय की कार्यप्रणाली पर आपत्ति है या कोई आरोप लगाना है तो उसे कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग में संबंधित समय (टाइम स्टैंप) का उल्लेख करते हुए साक्ष्य के साथ शिकायत करनी चाहिए।

रिंकू सिंह राही ने लिखा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के लगातार लगाए जा रहे आरोपों को किस दृष्टि से देखा जाए, यह अलग विषय है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों के संबंध में शिकायतों के निस्तारण के लिए व्यवस्था निर्धारित कर रखी है और शिकायतकर्ताओं को उसी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी पक्षकार को न्यायालय के किसी निर्णय से असंतोष है तो उसके पास अपील का वैधानिक अधिकार सुरक्षित है। अपीलीय न्यायालय के समक्ष निर्णय को चुनौती देने के साथ यदि आवश्यक हो तो गलत निर्णय के लिए दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी की जा सकती है।

 

राही ने उठाए बार एसोसिएशन पर भी सवाल
अपने बयान में रिंकू सिंह राही ने बार एसोसिएशन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में वादी लगातार न्यायालय में उपस्थित होकर पैरवी करता रहा, इसके बावजूद पैरवी के अभाव का आधार बताते हुए वाद खारिज कर दिए गए। 

ऐसे मामलों में बार एसोसिएशन ने कभी आपत्ति नहीं जताई, जबकि यह न्यायिक प्रक्रिया की गंभीर अवहेलना और पक्षकारों के साथ अन्याय था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में नुकसान केवल संबंधित पक्षकारों का हुआ।

रिंकू सिंह राही ने दावा किया कि अब न्यायालयों में ऑनलाइन रिकॉर्डिंग की व्यवस्था होने से इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न होने की संभावना कम हो जाएगी। यदि किसी पक्षकार के साथ अन्याय होता है तो उसके पास न्यायालय की रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में उपलब्ध होगी, जिससे वास्तविक तथ्यों की पुष्टि की जा सकेगी। यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब जिला बार एसोसिएशन और रिंकू सिंह राही के बीच पिछले कुछ दिनों से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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एक पक्षीय कार्रवाई के लगाए थे आरोप
डिस्ट्रिक्ट जालौन बार एसोसिएशन की ओर से उपाध्यक्ष ओमनारायण सिंह ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था। इसमें एसडीएम न्यायिक का अधिवक्ताओं के प्रति व्यवहार ठीक नहीं बताया था। साथ ही आरोप लगाया था कि मनमाने ढंग से वादों का निस्तारण किया जा रहा है। इस मामले में डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को जांच सौंपी है।
 
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