चार गुना करने का लालच देकर एक खाता खुलवाया
इस ग्रुप को श्रद्धा चोपड़ा और टिफनी टेलर नाम की महिलाएं अमेरिका से संचालित कर रही थीं। ग्रुप पर शेयर और नए आईपीओ में चार गुना करने का लालच देकर एक खाता खुलवाया जाता था। 15 अक्तूबर से छह नवंबर तक 7.15 लाख रुपये इन लोगों ने हड़प लिए। 10 नवंबर को जब रुपये मांगे, तो रवि और क्रुति ने एडवांस टैक्स के रुपये में छह लाख रुपये की मांग की।
खातों को फ्रीज कराने का प्रयास
वहीं दूसरे ग्रुप की श्रद्धा और टिफनी ने 10.57 लाख जमा करने को कहा। धमकी दी कि रुपये जमा न करने पर उनका डीमेट एकाउंट क्रैश कर दिया गया। ठगी का एहसास होने पीड़ित ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। साइबर थानाप्रभारी ने बताया कि जिन खातों में पैसा गया है उन्हें फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉक्टर से 15 लाख की ठगी
वहीं, शारदानगर निवासी डॉ. अखंड प्रताप मौर्य से अस्पताल का प्रोजेक्ट पास कराने के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी हो गई। डॉक्टर ने जालसाज के खिलाफ बजरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। डॉ. अखंड प्रताप मौर्य ने बताया कि दिल्ली निवासी अमित रंजन के जरिये अस्पताल का प्रोजेक्ट तैयार किया था। प्रोजेक्ट को फंडिंग दिलाने के लिए उनके एक मित्र आरिज खान ने आगरा के इंजीनियर्स कॉलोनी निवासी गौरव रंजन उपाध्याय से मिलवाया।
अस्पताल का प्रोजेक्ट पास कराने का दिया झांसा
गौरव ने एक सप्ताह के भीतर प्रोजेक्ट पास करने के लिए 15 लाख रुपये ले लिए। आरोप है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद जब उन्होंने प्रोजेक्ट के बारे में पूछा तो गौरव रंजन ने टालमटोल शुरू कर दिया। दबाव बनाने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। थानाप्रभारी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
चेक लगाए तो वे फर्जी निकलीं
डॉक्टर ने बताया कि दबाव बनाने पर गौरव ने अपने बहनोई और साले से बात कराई। उन्होंने भी रुपये लौटाने का आश्वासन दिया, जब अमित से दबाव डलवाया तो गौरव ने उन्हें 15 लाख के चेक काट कर दे दिए। आरोप है कि जब अकाउंट में चेक लगाए तो वे फर्जी निकलीं।
यहां करें शिकायत
किसी भी साइबर अपराध की शिकायत सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें। साथ ही स्थानीय थाने या स्थानीय साइबर थाने में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जल्दी शिकायत दर्ज कराने पर उतनी ही जल्दी बैंक खाता फ्रीज कर पैसे वापस कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। साथ ही रुपये वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।